बीकानेर

ठुमक चलत रामचन्द्र बाजत पैजनिया…

रामनवमी - घर-घर और मंदिरों में हुई भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना अभिषेक-पूजन के चले दौर, धार्मिक अनुष्ठानों के हुए आयोजन
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Updated: 11 Apr 2022, 5:48 PM IST
ठुमक चलत रामचन्द्र बाजत पैजनिया...
ठुमक चलत रामचन्द्र बाजत पैजनिया...

बीकानेर. भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव रामनवमी पर्व रविवार को घर-घर और राम मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीराम की मूर्तियों का अभिषेक, पूजन, श्रृंगार कर आरती की गई। मध्याह्न के समय घर और मंदिर भगवान श्रीराम के जयकारो से गूंज उठे। झालर की झंकार, घंटियों की टंकार के बीच भगवान श्रीराम की आरती की गई। घरों और मंदिरों में भगवान राम के जन्म की खुशियां मनाई गई। रामनवमी पर मंदिरों में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरु हो गया। दर्शन-पूजन का क्रम रात तक चलता रहा। इस दौरान कई मंदिरों में सुंदरकांड पाठ, नवाह्न पारायण पाठ के आयोजन हुए। रामनवमी पर मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा।

जन्म कुंडली का वाचन

तेलीवाड़ा चौक िस्थत रघुनाथ मंदिर में दशकों पुरानी परम्परा के तहत हनुमान प्रतिमा के समक्ष भगवान श्रीराम की जन्म कुंडली का वाचन हुआ। मध्याह्न के दौरान भगवान श्रीराम की आरती के बाद जन्म कुंडली का वाचन हुआ। लक्ष्मीनारायण रंगा ने हस्तलिखित भगवान श्रीराम की जन्म कुंडली का वाचन किया। इससे पहले हनुमान प्रतिमा की पूजा-अर्चना की गई। कुंडली वाचन के बाद मंदिर परिसर राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान के जयकारों से गूंज उठा।

मंदिरों में अभिषेक-पूजन

रामनवमी पर शहर में िस्थत राम मंदिरों में अभिषेक, पूजन और आरती के आयोजन हुए। एम एम ग्राउंड के पास िस्थत राम मंदिर में आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपिस्थत रहे। धार्मिक अनुष्ठान और अभिषेक पूजन का आयोजन हुआ। तेलीवाड़ा रघुनाथ मंदिर में अभिषेक-पूजन और आरती के साथ आठ क्विंटल पंचामृत प्रसाद का वितरण किया गया। मरुनायक मंदिर में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीराम का पंचामृत से अभिषेक किया गया। पंडित देवराज जोशी ने पूजन करवाया। कथा का वाचन गवरी शंकर व्यास ने किया। पुजारी रामदेव ने मूर्ति का श्रृंगार किया। तुलसी कुटीर िस्थत मंदिर में पूजा-अर्चना व धार्मिक अनुष्ठान हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।भट्ठडों का चौक िस्थत रघुनाथ मंदिर में दिनभर दर्शन-पूजन का क्रम चला। वहीं शहर में विभिन्न स्थानों पर िस्थत भगवान श्रीराम के मंदिरों में अभिषेक, पूजन, श्रृंगार, आरती और पंचामृत प्रसाद का वितरण हुआ।

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