
जयभगवान उपाध्याय
बीकानेर. 'नॉन स्टॉप चालान के नाम पर प्रादेशिक परिवहन विभाग में लम्बे अर्से से फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में विभाग के अधिकारी आंखें मूंद कर चालान काट रहे हैं। पिछले दिनों अधिकारियों ने नोखा में राजस्थान लोक परिवहन की एक बस का 'नॉन स्टॉपÓ चालान काटा, लेकिन चालान में बताए गए बस के रजिस्ट्रेशन नम्बर वास्तव में एक ऑटो रिक्शा के हैं। मजे की बात यह कि अधिकारियों ने इस फर्जीवाड़े के खेल में दो व्यक्तियों को गवाह भी बनाया, ताकि उनकी कार्रवाई को कोई नकार नहीं सके।
जानकारों की मानें तो हर माह विभाग के अधिकारी सैकड़ों 'नॉन स्टॉप चालान काटते हैं। नॉन स्टॉप चालान में लिखा जाता है कि वाहन चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने वाहन नहीं रोका। पहले भी एेसे कई प्रकरण सामने में आ चुके हैं, जिसमें दूध टैंकर को ओवरलोड तथा ट्रक में क्षमता से अधिक सवारियां होना चालान में दर्शाया गया था।
दूसरे वाहन चालक हो रहे परेशान
प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का दूसरे वाहन चालकों को खमियाजा भुगतना पड़ता है। नोखा स्थित जिला परिवहन कार्यालय के जिन अधिकारियों ने बस का 'नॉन स्टॉपÓ चालान काटा था, अब उस चालान को निरस्त करवाने के लिए ऑटो चालक को अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यातायात विभाग के सूत्रों के अनुसार एेसे प्रकरणों का खुलासा तब होता है, जब वाहन चालक विभाग में अपने वाहन का फिटनेस, बकाया कर जमा करवाने या फिर अन्य बकाया कार्य करवाने जाता है।
जांच करवाएंगे
संबंधित जिला परिवहन अधिकारी को इस संबंध में जांच करवाने के निर्देश दिए जाएंगे। कई बार वाहन चालक गलत नम्बर प्लेट लगाकर भी वाहन चलाते हैं, जांच में कई बार एेसा पकड़ में भी आया है। एेसे प्रकरण में वास्तविक वाहन चालक को परेशान नहीं होने दिया जाता।
नेमीचंद पारीक, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, बीकानेर