झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपए वसूलने का आरोप
बीकानेर। मादक पदार्थ व हथियार तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपए वसूलने के मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक प्रीति चन्द्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जसरासर एसएचओ व एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। वहीं प्रकरण की जांच एएसपी ग्रामीण सुनील कुमार को सौंपी है।
उपनिरीक्षक सुमन को २४ दिसंबर, २०२० को ही थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। अब ३५ दिन बाद में वे निलंबित हो गई है। प्रकरण के अनुसार सूडसर निवासी तुलछाराम व प्रभुसिंह शुक्रवार रात को बाइक पर सूडसर से उत्तमामदेसर जा रहे थे। दोनों बादनूं गांव में शराब ठेके पर शराब लेने के लिए रुके। यहां उन्होंने शराब भी पी। तुलछाराम ने बताया कि तभी जसरासर थाने का कांस्टेबल रामकुमार आया और वह गाड़ी में डालकर थाने ले गया। यहां एनडीपीएस मामले में फंसाने की धमकी दी। बाद में कांस्टेबल ने मामला नहीं बनाने की एवज में एक लाख रुपए मांगे। कांस्टेबल ने डरा-धमका कर रात को ही ५० हजार रुपए ले लिए।
एसपी के समक्ष पेश हुए दोनों पीडि़त
पीडि़त तुलछाराम व प्रभुसिंह शनिवार दोपहर में पुलिस अधीक्षक प्रीति चन्द्रा के समक्ष हुए। उन्होंने आपबीती बताई और पुलिस कर्मचारियों की ओर से किए गए दुव्र्यवहार और रुपए मांगने की ऑडियो पेश की। ऑडियो में मैडम से बैठकर बात करने के लिए कहा जा रहा है। इतना नहीं पीडि़त तुलछाराम बार-बार कह रहा है कि रात को साढ़े तीन बजे प्रभुराम से ५० हजार रुपए लेने के बाद पुलिस खुद उसे सूडसर छोड़कर गई।
हमनें शराब जरूर पी, डोडा नहीं था हमारे पास
पीडि़त तुलछाराम ने बताया कि वे दोनों उत्तमामदेसर खेत जा रहे थे। बादनूं थाने पर शराब ली। पुलिस उन्हें झूठे केस में फंसाना चाह रही है। थाने ले जाने के बाद कहा कि डोडा-पोस्त मिला है जबकि हमारे पास डोडा-पोस्त नहीं था। ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करने से पता चल जाएगा। उसका आरोप था कि सिपाही जीप से ही एक थैली लेकर आया था। अब पुलिस उन्हें फंसाना चाहती हैं।
जसरासर थाने का विवादों से नाता
जसरासर थाना खुले तीन ढाई साल पहले २९ अगस्त, २०१८ को खुला। पहला एसएचओ उपनिरीक्षक गुलाब नबी, द्वितीय गौरव खिडिय़ां, तीसरे गुरमेलसिंह, चौथा उदयपाल एवं पांचवीं एसएचओ सुमन परिहार पदस्थापित हुई। ढाई साल के अंतराल में पांच एसएचओ पदस्थापित हो चुके हैं, जिनमें से तीन को बीच में हटाना पड़ा है, जिसमें एक लाइन हाजिर व दो निलंबित हुए हैं। विदित रहे कि उपनिरीक्षक सुमन परिहार को 24 दिसंबर-२०२० को ही जसरासर थाने में पदस्थापित किया गया था।
एसएचओ को जानकारी नहीं होना मामला गंभीर
पीडि़त व्यक्ति मिले और व्यथा बताई। कांस्टेबल रामकुमार ने एनडीपीएस एवं हथियार तस्करी में फंसाने की धमकी दी। दोनों ने शराब पी रखी थी और ताशपति खेल रहे थे। इस घटनाक्रम के समय थानाधिकारी सुमन परिहार थाने में मौजूद थी। थाने में इस तरह का घटनाक्रम हुआ और वह अनजान बनी रही जो गंभीर है। इसलिए प्रथमदृष्टया मामले की गंभीरता को देखते हुए जसरासर एसएचओ व कांस्टेबल रामकुमार को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच एएसपी ग्रामीण सुनील कुमार को सौंपी है।
प्रीतिचन्द्रा, पुलिस अधीक्षक