
श्रीडूंगरगढ़ तहसील क्षेत्र के बिग्गा गांव में एक दुकान में आग लगने से रसोई गैस सिलेंडर फट गया, जिससे दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार बिग्गा गांव के बस स्टैंड पर कानाराम तावनियां ने चाय-नाश्ते व जनरल आइटम की दुकान कर रखी थी। रविवार देर रात्रि को इस दुकान में आग लग गई। आग से दुकान में रखा गैस सिलेंडर गर्म होकर फट गया। सिलेंडर फटने से हुए तेज धमाके को सुनकर ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। आग से दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। साथ ही लोहे और लकड़ी से बनी दुकान के भी परखच्चे उड़ गए। ग्रामीणों की सूचना पर श्रीडूंगरगढ़ से दमकल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि आग से कोई जनहानि नहीं हुई।
आग लगाने का मामला दर्ज
इस घटना को लेकर पीड़ित कानाराम ने भंवरलाल पुत्र लिखमाराम, उसके पौत्र केशव व प्रकाश पुत्र नन्दलाल, दोहिते कपिल पुत्र खेताराम निवासी बिग्गा के खिलाफ दुकान में आग लगाकर सामान को जलाने के आरोप का मामला दर्ज करवाया है। प्रार्थी ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों ने 11 दिसम्बर को दुकान हटाने व आग लगाने की धमकी दी थी और 12 दिसम्बर को आरोपियों ने प्रार्थी के पुत्र को आग लगाकर दुकान जलाने व कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी थी। साथ ही रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा होने की बात कही। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
घरेलू सिलेंडर का उपयोग घातक
जोधपुर में गत दिनों सिलेंडर में विस्फोट से लगी आग में 12 जनों की मौत हो गई और 42 जने घायल है। बिग्गा में हुई इस घटना में गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। इस तरह हादसों में बावजूद लोग नियमों को नजरअंदाज कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलेंडर का उपयोग करते है। क्षेत्र में भी छोटे-छोटे चाय के खोखों पर घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा है, जो खतरे की घण्टी है। गैस एजेंसी संचालक दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर प्रतिष्ठानों पर व्यावसायिक सिलेंडर उपयोग करने की हिदायत दी जाती है। घरेलू व व्यावसायिक सिलेंडर की दरों में भी ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन फिर भी लोग समझ नहीं रहे हैं और अनहोनी को न्योता देते हैं। रसद विभाग की ओर से भी केवल त्योहारी सीजन में कार्रवाई कर इतिश्री कर ली जाती है। जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग के साथ-साथ लोग जागरूक बने। ताकि अनहोनी घटनाओं से बचा जा सके।