
Arjun Ram Meghwal : केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल। फाइल फोटो - ANI
Arjun Ram Meghwal : केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कहते हैं, "हमारा लंबे समय से यह मानना रहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के व्यवहार में घमंड बहुत ज़्यादा झलकता है और अहंकार दिखता है। एक लोकतांत्रिक देश के चुने हुए प्रधानमंत्री के बारे में ऐसे शब्दों का प्रयोग करना मर्यादीत नही है। कांग्रेस सांसदों का ऐसा व्यवहार अशोभनीय है, फिर भी यह उनकी आदत बन गई है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बीकानेर में मीडिया के सवालों के जवाब में कहा।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कल स्वतंत्रता दिवस था। लाल किले पर ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर सभी को निमंत्रण दिया गया। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को भी निमंत्रण था लेकिन वे वहां गए भी नहीं और जो वंदे मातरम कांग्रेस के कार्यालय में गाया गया, उसका उन्होंने सम्मान भी नहीं किया। इशारा करके वे कह रहे थे कि आप उसे पूरा क्यों गा रहे हैं?
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सफाई देने के लिए जब कांग्रेस के प्रतिनिधि आए तो वे कहने लगे कि मल्लिकार्जुन खरगे काफी समय से खड़े थे और उन्हें कुर्सी की आवश्यकता थी। कुर्सी आई तो नहीं? एक आदमी आया। ये वंदे मातरम का भी अपमान करने वाले लोग हैं, इनसे क्या मर्यादित भाषा या आचरण की अपेक्षा की जाएगी?"
देश शनिवार को आजादी की 80वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहा था। पर लाल किले पर हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल नहीं हुए। जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही थी। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की नाराजगी समारोह में प्रोटोकॉल और सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर थी। लाइनअप से लेकर बैठने की जगह तक कई चीजें उनके पद के अनुसार नहीं थीं। इसी वजह से दोनों नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यक्रम से दूरी बना ली।
स्वतंत्रता दिवस 2024 में भी ऐसा विवाद हुआ था। उस समय लोकसभा में नेता विपक्ष को पहली लाइन के जगह पीछे बैठाया गया था। विपक्ष ने इस पर अपनी नाराजगी जताई। इस पर रक्षा मंत्रालय ने सफाई दी थी कि ओलंपिक खिलाड़ियों को जगह देने के लिए यह बदलाव किया गया था।
Updated on:
16 Aug 2026 04:17 pm
Published on:
16 Aug 2026 03:50 pm
