बीकानेर

प्रसव के दौरान पेट में कैंची छोड़ने वाली डॉक्टर पर लगा छह लाख का जुर्माना

चिकित्सकों ने के मुताबिक पीड़िता वह फिर कभी मां नहीं बन सकेगी
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Feb 27, 2019
पेट में कैंची
प्रसव के दौरान पेट में कैंची छोड़ने वाली डॉक्टर पर लगा छह लाख का जुर्माना

बीकानेर.
महिला मरीज पूनम (25) के पेट में कैंची छोड़कर जीवन खतरे में डालने वाली महिला चिकित्सक डॉ. इति माथुर पर छह लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा परिवाद व्यय के दस हजार रुपए अलग से देने होंगे। उसे एक महीने में राशि का भुगतान करना होगा। यह निर्णय मंगलवार को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच अध्यक्ष ओपी सींवर एवं सदस्य मधुलिका खत्री ने सुनाया।

यह है मामला
पूनम गर्भवती थी। उसने 25 फरवरी, 2013 को रानीबाजार निवासी डॉ. इति माथुर से जांच कराई। तब डॉ. इति माथुर ने ऑपरेशन किया और पूनम ने बच्ची का जन्म दिया। घर आने के बाद पूनम के पेट में दर्द रहने लगा। तब डॉ. माथुर ने कहा था कि चिंता की जरूरत नहीं है। दवाइयां लेने के बावजूद दर्द कम नहीं हुआ तो पूनम ने पीबीएम अस्पताल में अन्य चिकित्सक को दिखाया। तब पता चला कि पेट में कैंची छोड़ दी गई। 16 मार्च, 2013 को पीबीएम में ऑपरेशन कर पेट से कैंची निकाल पूमन की जान तो बचा ली गई, लेकिन चिकित्सकों ने कहा कि वह फिर कभी मां नहीं बन सकेगी। इस पर पूनम व उसके परिजनों ने मंच में परिवाद पेश किया।

कोटगेट थाने में मामला दर्ज
परिवादी ने कोटगेट पुलिस थाने मेंं डॉ. इति माथुर, टी. फिलिक एवं माथुर हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर, रानीबाजार के प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला भी दर्ज कराया था। यह मामला अभी फौजदारी न्यायालय में विचाराधीन है। पीडि़ता की शिकायत पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल ने डॉ. इति माथुर की प्रैक्टिस पर छह माह रोक भी लगाई थी।

Published on:
27 Feb 2019 01:00 am