
बीकानेर. महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुक्रवार को भारतीय और ऑस्ट्रेलिया की संयुक्त सैन्य टुकड़ी के युद्धाभ्यास में डॉग स्कवायड की ताकत का प्रदर्शन किया गया। दोनों देशों के सैनिकों ने अपने-अपने डॉग स्कवायड के युद्ध कौशल और दुश्मन को काबू करने की ताकत को दिखाया। इसके लिए डमी आतंकी को काबू करने का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
दृढ़, विश्वासनीय और योद्धा
सैन्य अभ्यास के दौरान डॉग स्कवायड की माइन एंड एक्सप्लोसिव डिटेक्शन ताकत का परिचय दिया गया। साथ ही भवन की तलाशी और छानबीन में डॉग स्कवायड की भूमिका को रेखांकित किया गया। इस दौरान सेना के डॉग को लक्ष्य के प्रति सैनिक का दृढ़ व विश्वसनीय सहयोगी बताया गया। साथ ही वह रणभूमि में योद्धा की तरह साबित होता हैं।
चलती जीप में लगाई छलांग
सबसे पहले किसी वाहन में जा रहे आतंकी को डॉग स्कवायड ने काबू करके दिखाया। सेना का प्रशिक्षित श्वान दौड़ा और चलती जीप में छलांग लगाकर चढ़ गया। फिर उसमें सवार आतंकी पर टूट पड़ा। उसे तब तक नहीं छोड़ा, जब तक सैनिक ने आकर काबू में नहीं कर लिया। फिर एक मकान में घुसे आतंकी को काबू करने का प्रदर्शन किया गया। इसमें भी डॉग स्कवायड के श्वान ने खिड़की से घुस कर उसमें छिपे आतंकी के बाजू को जबड़े से जकड़ लिया। इसी तरह दुश्मन से हथियार छीनकर लाने के साथ ही सैन्य श्वान ने विस्फोटक को खोज निकालने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
बारह दिन के प्रशिक्षण का आज करेंगे प्रदर्शन
भारत और ऑस्ट्रेलिया के करीब सवा सौ सैनिकों का संयुक्त युद्धाभ्यास गत 28 नवम्बर को शुरू हुआ। इसमें भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व डोगरा रेजीमेंट के सैनिक कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया सेना की 13 ब्रिगेड की सैकेंड डिविजन के सैनिक शामिल हैं। अभ्यास का समापन समारोह रविवार को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में होगा। इससे एक दिन पहले शनिवार को 12 दिन के प्रशिक्षण के विभिन्न चरणों से गुजरे सैनिक संयुक्त युद्धाभ्यास का प्रदर्शन करेंगे। इसमें रेगिस्तानी क्षेत्र में दुश्मन सेना पर हमला करने का प्रदर्शन किया जाएगा। सेना के हथियारों का उपयोग, आपसी सामंजस्य से रण क्षेत्र में थल और वायु सेना के उपकरणों के उपयोग के साथ फायरिंग क्षमता को दिखाएंगे।