bikaner news - The health of the youth sitting on the strike deteriorated
धरने के 19 दिन बाद भी नहीं मिला संतोष पूर्ण जवाब
बीकानेर.
शारीरिक शिक्षक भर्ती 2018 की प्रतीक्षा सूची की मांग को लेकर धरने पर बैठे दो बेरोजगारों की बुधवार को तबीयत खराब होने के बाद उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दोनों धरनार्थी वापस धरना स्थल पर पहुंच गए।
पिछले १९ दिन से शिक्षा निदेशालय के आगे धरने पर बैठे शारीरिक शिक्षक भर्ती २०१८ के बेरोजगार अभ्यर्थी कपड़े का तम्बू में रात गुजारने को मजबूर हैं। धरनार्थियों ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से लेकर मंत्रियों को अपनी मांग बता चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के अध्यक्ष हितेश पारीक ने बताया कि निदेशक ने एक माह और लगने की बात कही है।
पारीक ने बताया कि शारीरिक शिक्षकों के अभ्यर्थियों को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन राज्य सरकार और यहां के जनप्रतिनिधि हमारी मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कड़ाके की सर्दी के बावजूद धरना स्थल पर दर्जनों अभ्यर्थी इस उम्मीद में बैठे हैं कि उनकी मांग पूरी की जाएगी। पारीक ने बताया कि बुधवार सुबह सीकर निवासी श्रीपालसिंह और जोघपुर निवासी रंजीत सिंह की हालत खराब होने के बाद उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
बाद में दोनों अभ्यर्थियों को अस्पताल से छुटटी मिलने के बाद वे पुन: धरना स्थल पर पहुंच गए। बेरोजगार शारीरिक शिक्षक योगेन्द्र तंवर व कैलाश बिश्रोई ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर प्रतिक्षा सूची जारी नहीं की जाती है तो सोमवार से बेरोजगारों के साथ आमरण अनशन पर बैठा जाएगा।