डीएलबी ने कार्यवाहक स्वच्छता प्रभारियों के आदेश को बताया अवैधानिक तो महापौर ने कहा डीएलबी न करे हस्तक्षेप
बीकानेर. नगर निगम में एक बार फिर महापौर और स्वायत्त शासन विभाग के बीच तकरार बढ़ गई है। इस बार निगम आयुक्त की ओर से पदस्थापित किए गए कार्यवाहक स्वच्छता प्रभारियों के आदेश को डीएलबी निदेशक की ओर से अवैधानिक बताने व इस आदेश को निरस्त करने से मामला गर्मा गया है। डीएलबी की ओर से आदेश निरस्त करने के बाद अब निगम महापौर सुशीला कंवर ने भी डीएलबी निदेशक को पत्र लिखकर न केवल अपनी नाराजागी व्यक्त कर दी है बल्कि डीएलबी की ओर से कई स्थानीय निकायों में की गई कार्य व्यवस्थाओं को भी याद दिलाया है।
वहीं महापौर ने पत्र में बताया कि कार्यवाहक व्यवस्था करना निगम की मजबूरी है। नगर निगम में स्वच्छता निरीक्षकों के 10 पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में 05 स्वच्छता निरीक्षक ही पदस्थापित है। निगम की ओर से निगम क्षेत्र के 80 वार्डो को 16 सर्किलों में बांटा गया है। वार्डो में हो रहे सफाई कार्यो के प्रभावी निरीक्षण के लिए कार्यवाहक स्वच्छता प्रभारियों को पदस्थापित करने के निगम के आदेश को उचित बताया है। वहीं निदेशक के नाम पत्र में बताया है कि निगम में कर्मचारियों की कमी को लेकर बार-बार पत्र लिखने के बाद भी डीएलबी व सरकार स्तर पर उदासीनता बरती जा रही है।
अस्थाई व्यवस्था में न हो हस्तक्षेप
महापौर ने डीएलबी निदेशक को लिखे पत्र बताया है कि डीएलबी कार्यवाहक स्वच्छता प्रभारियों के पदस्थापन आदेश को निरस्त करने के आदेश को वापस ले। स्थाई व्यवस्था के लिए स्टाफिंग पैट्रर्न अनुसार स्टाफ व आर्थिक संसाधन उपलब्ध करवाए जाए। तब तक के लिए निगम की ओर से की गई पूर्णतया अस्थाई व्यवस्था में हस्तक्षेप न करते हुए नगर निगम की सफाई व्यवस्था को निर्बाध रूप से संचालित करने दिया जाए।