पहचान पोर्टल की ऑनलाइन सुविधा होने के बाद भी आमजन जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए परेशान हो रहे है। शिशु के जन्म के 21 दिवस के भीतर संबंधित अस्पताल बच्चे के जन्म की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बावजूद वर्षों बाद भी शिशु जन्म की जानकारी का रेकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज नहीं हो रहा है।विलंब शुल्क भरने के बावजूद आवेदनों पर निगम ‘सूचना नहीं है’ लिख कर पल्ला झाड़ रहा है। ऐसे में आवेदक संबंधित अस्पतालों और निगम के बीच चक्कर काटने को मजबूर हैं। नगर निगम सूचना अपलोड करने में कोताही करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों पर पेनल्टी लगाने से बच रहा है, जबकि आमजन से राशि वसूली जा रही है।
बीकानेर. जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ‘पहचान’ पोर्टल की ऑनलाइन सुविधा होने के बाद भी आमजन परेशान हो रहे हैं। नियम है कि शिशु के जन्म के 21 दिवस के भीतर संबंधित अस्पताल बच्चे के जन्म की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बावजूद वर्षों बाद भी शिशु जन्म की जानकारी का रेकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज नहीं हो रहा है। इससे ‘पहचान’ पोर्टल और अस्पतालों की गंभीरता पर भी सवाल उठ रहे हैं। विलंब शुल्क भरने के बावजूद आवेदनों पर निगम ‘सूचना नहीं है’ लिख कर पल्ला झाड़ रहा है। ऐसे में आवेदक संबंधित अस्पतालों और निगम के बीच चक्कर काटने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के हर माह लगभग 4500 आवेदन औसतन होते हैं।
किसकी जिम्मेदारी
कोई अस्पताल अगर 21 दिवस के भीतर जानकारी अपलोड नहीं करता। कुछ महीनों अथवा वर्षों का विलंब होता है, तो निगम संबंधित अस्पताल के विरुद्ध पेनल्टी लगा सकता है। हालांकि, निगम अस्पतालों के विरुद्ध पेनल्टी लगाने से बच रहा है। जबकि आमजन से विलंब शुल्क तुरंत लिया जा रहा है।
निगम की कारस्तानी...
निगम ‘सूचना नहीं है’ के आवेदनों का अलग से रेकॉर्ड अथवा रजिस्टर भी संधारित नहीं कर रहा, जिससे संबंधित अस्पतालों से पेनल्टी की राशि वसूली जा सके। यही नहीं, वर्तमान में आवेदकों से जो विलंब शुल्क वसूला जा रहा है, उसका इंद्राज भी आवेदकों को दी जा रही रसीद में लेट फीस के रूप में नहीं लिखा जा रहा है।
केस एक- तीन साल बाद भी सूचना नहीं
पुष्करणा स्टेडियम के पास रहने वाले शैलेष बिस्सा की धर्मपत्नी मोनिका बिस्सा ने 12 मार्च 2022 को पीबीएम अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया । शैलेष उसका जन्म प्रमाण पत्र बनवाने नगर निगम पहुंचे, तो उसके आवेदन पर लिख दिया गया कि निगम के पास इसकी सूचना नहीं है। पहचान पोर्टल पर उनके बच्चे के जन्म की जानकारी दर्ज नहीं है। शैलेषसूचना लेकर आया। निगम ने शैलेष से तीन वर्ष विलंब शुल्क 250 रुपए वसूल लिया।
ली जाएगी जानकारी
पहचान पोर्टल के माध्यम से जन्म पंजीयन की सुविधा है। अगर अस्पतालों की ओर से सूचना देने में देरी की जा रही है व आमजन को परेशानी हो रही है, तो इसकी जानकारी सोमवार को ही ली जाएगी। संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को पाबंद किया जाएगा। कमी कहां और किस स्तर पर है, इसको दुरुस्त करवाया जाएगा।
मयंक मनीष, आयुक्त, नगर निगम
150 औसतन आवेदन जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए रोजाना
100 से ज्यादा आवेदन जन्म प्रमाण पत्र के
10 फीसदी से ज्यादा लोगों को सूचना नहीं है का मिल रहा नोट
4500 आवेदन औसतन हर माह जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए