बीकानेर

इस बार अपनी मूंगफली तेल से भरपूर, फिर भी विदेशी खरीद से दूर, क्या है वजह, जाने यहां…

हालांकि व्यापारियों का यह भी कहना है कि भारतीय मूंगफली तेल की धार आने वाले दिनों विदेशी बाजार में तेज हो सकती है। फिलहाल की स्थिति तो यही है कि सफेद मेवे की मांग अभी तक नहीं बढ़ी है, जितनी बढ़ने की उम्मीद थी।

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Nov 26, 2024

गत सीजन की अपेक्षा इस बार जिले के खेतों में गरीबों के मेवा मूंगफली की बंपर पैदावार हुई है। यही वजह है कि मंडियों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मूंगफली की आवक हो रही है। हालांकि, विदेशी मांग कमजोर होने के कारण जिले की मूंगफली का निर्यात कम हो रहा है। गत सीजन का निर्यात छोड़ दें, तो हर बार बीकानेर की मूंगफली की धमक विदेशों तक होती है। व्यापारियों का कहना है कि बीकानेर के अलावा देश के अन्य राज्यों के जिलों एवं विदेश में भी इस बार मूंगफली की पैदावार गुणवत्तायुक्त तथा जबरदस्त हुई है। इस वजह से बीकानेर की मूंगफली की मांग इस समय कमजोर चल रही है। हालांकि, गुणवत्ता अच्छी होने से आर्थिक स्थिति पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। जहां तक निर्यात की बात है, तो मूंगफली के साथ-साथ तेल का निर्यात भी कम हो रहा है। हालांकि व्यापारियों का यह भी कहना है कि भारतीय मूंगफली तेल की धार आने वाले दिनों विदेशी बाजार में तेज हो सकती है। फिलहाल की स्थिति तो यही है कि सफेद मेवे की मांग अभी तक नहीं बढ़ी है, जितनी बढ़ने की उम्मीद थी।

इन देशों में जाती है मूंगफली

बीकानेरी मूंगफली का गोटा सफेद और मोटा होने तथा तेल अधिक होने के कारण विदेश में इसकी मांग अच्छी है। इसी वजह से वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया तथा पाकिस्तान में यहां की मूंगफली का निर्यात होना है। एक अनुमान के मुताबिक, अब तक डेढ़ लाख से दो लाख टन मूंगफली का निर्यात हो चुका है। इसके अलावा 50 हजार टन तेल का निर्यात भी हो चुका है।

गत सीजन भी निर्यात को लगा था झटका

गत सीजन में मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी के कारण मूंगफली में काली टिक्की आ गई थी। इससे विदेशी व्यापारियों ने इसकी खरीद नहीं के बराबर की थी। इससे दो साल पहले तीन लाख टन मूंगफली का निर्यात हुआ था। लेकिन इस बार करीब डेढ़ लाख टन मूंगफली एवं गोटे का निर्यात हुआ है। गत सीजन में मूंगफली में काली टिक्की होने के कारण तेल का निर्यात भी कम हुआ था।

40 प्रतिशत उपज बीकानेर में

राज्य के जिलों में इस सीजन में जितनी मूंगफली की पैदावार होती है। उसमें से 40 प्रतिशत मूंगफली का उत्पादन अकेले बीकानेर जिले में होता है। एक अनुमान के मुताबिक, जिले में इस बार डेढ़ से दो कराेड़ बोरी का उत्पादन हुआ है। बीकानेर के अलावा चूरू, नागौर, सीकर, जयपुर, निवाई तथा जैसलमेर के कुछ भाग में मूंगफली की पैदावार होती है, लेकिन बीकानेर की मूंगफली की अपनी पहचान है।

अन्य देशों में भी अच्छी पैदावार

इस बार विदेश के कई देशों में मूंगफली की बंपर पैदावार हुई है। इस वजह से इस सीजन में निर्यात कम हो सकता है। जबकि बीकानेर में कई सालों बाद बंपर एवं तेल की अधिक मात्रा वाली मूंगफली की पैदावार हुई है। इसका मुख्य कारण समय पर बरसात का होना और बिजली कटौती भी कम होना रहा है। - राजेश जिंदल, मूंगफली एवं गोटा व्यापारी

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