सरकार ने एकमुश्त यूडी टैक्स जमा करवाने के आदेश को लिया वापिस
बीकानेर. नगरीय विकास कर के दायरे में आने वाले लोगों को अब अपनी संपत्तियों का हर साल यूडी टैक्स जमा करवाना होगा। सरकार ने एकमुश्त यूडी टैक्स जमा करवाने के आदेश को वापस ले लिया है। ऐसे में अब लोगों को हर साल यूडी टैक्स देना होगा। स्वायत्त शासन विभाग ने फरवरी 2018 में आदेश निकालकर लोगों को राहत प्रदान की थी, जिसमें वार्षिक यूडी टैक्स का आठ गुना रकम एकमुश्त जमा करवाने का आदेश था। डीएलबी के निदेशक दीपक नंदी ने आदेश जारी कर फरवरी 2018 के उस आदेश को प्रत्याहारित कर लिया है।
609 संपत्तियों के साढ़े पांच करोड़ हुए जमा
एकमुश्त यूडी टैक्स जमा करवाने के आदेश के बाद निगम क्षेत्र में स्थित संपत्तियों के मालिकों ने अब तक 5 करोड 57 लाख 39 हजार 688 रुपए जमा करवाए। निगम की यूडी टैक्स शाखा की जानकारी अनुसार 609 संपत्तियों का टैक्स एकमुश्त के रूप में जमा हुआ है। जबकि निगम में साढ़े तेरह हजार से अधिक संपत्तियां यूडी टैक्स के दायरे में आने पर सूचीबद्ध है।
आय का प्रमुख जरिया
प्रदेश की स्थानीय निकायों का आय का जरिया नगरीय विकास कर है। फरवरी 2018 में एकमुश्त यूडी टैक्स जमा करवाने की व्यवस्था शुरू होने के बाद से ही स्थानीय निकायों की ओर से इस पर आपत्ति जतानी शुरू हो गई थी। एक साल का आठ गुना एकमुश्त यूडी टैक्स जमा होने से स्थानीय निकायों की आय प्रभावित होनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ निकायों ने डीएलबी से इस एकमुश्त व्यवस्था पर पुर्नविचार की भी मांग की थी।
अब एक मुश्त जमा नहीं
नगरीय विकास कर एकमुश्त जमा कराने का आदेश डीएलबी ने प्रत्याहारित कर लिया है। अब संपत्ति मालिकों को हर साल यूडी टैक्स जमा करवाना होगा। फरवरी 2018 में जारी हुए आदेश को वापिस ले लिया गया है।
जगमोहन हर्ष, प्रभारी नगरीय विकास कर शाखा, नगर निगम बीकानेर