
बीकानेर. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने शुक्रवार को बीकानेर में कांग्रेस सरकार में उठ रही आंतरिक कलह को स्वीकार तो नहीं किया, लेकिन मीडिया को दिए बयान में कुछ ऐसा जरूर कह गए, जो बीकानेर में चर्चाओं को जन्म दे गया। उन्होंने कहा- ना जाने किस घड़ी में सरकार ने शपथ ली थी कि हम उलझनों में ही उलझे रहते हैं। हालांकि, उन्हें आगे यह जरूर जोड़ा कि प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है। जनता को कांग्रेस-भाजपा आदि पार्टियों से ऊपर उठकर सरकार के काम को तराजू में तोलकर वोट का फैसला करना चाहिए।
मंत्री खाचरियावास ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा पर हमला बोलते हुए कश्मीर में धारा 370 समाप्त करने के मुद्दे पर देश की आजादी के बाद कश्मीर का भारत में विलय की कहानी भी सुनाई। इसमें पंडित जवाहर लाल नेहरू और वल्ल्भ भाई पटेल के योगदान की याद दिलाते हुए कहा कि आज बेवजह धारा 370 को भाजपा अपनी उपलिब्ध के रूप में प्रचारित कर रही है।खाचरियावास ने केन्द्र में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने दोनों कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को शिक्षा, रोजगार जैसे अधिकार दिए। वर्तमान मोदी सरकार के पास गिनाने के लिए ऐसा एक भी काम नहीं है। उल्टा आटा-दाल और चावल पर टैक्स लगाकर महंगाई बढ़ाने का काम कर रही है।
बयानों में समझें सियासी मायने
माना जा रहा है कि खाचरियावास ने अपने बयान में ढके छिपे शब्दों में ही सही, लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के प्रति एंटी-इनकंबेंसी और पार्टी और सरकार की आंतरिक उलझन के लिए सरकार के गठन का समय शुभ नहीं होने पर ठीकरा फोड़ा। आगामी चुनाव में सरकार रिपीट हो इसके लिए जनता को अब भाजपा-कांग्रेस का पक्ष छोड़कर काम के आधार पर वोट देना तय करने की अपील की। उन्होंने केन्द्र सरकार के पांच साल के कामकाज की तुलना प्रदेश सरकार के कामकाज से करने का आग्रह किया।- अपने अधीन विभाग के मुख्य मुद्दे राशन घोटाले में कर्मचारी वर्ग का बचाव करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जा रहे हैं। जिन कर्मचारियों ने लाभ लिया उनसे वसूली कर रहे हैं। किसी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कुर्सी शाह के दादोसा की नहीं
खाचरियावासकेन्द्रीय मंत्री अमित शाह पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए खाचरियावास ने कहा कि जब शाह जोधपुर आए तो कहा कि अब कुर्सी खाली करो। शाह को यह मालूम नहीं है कि यह कुर्सी प्रदेश की जनता ने दी है। यह कहना जनता का अधिकार है। यह कुर्सी शाह के दादोसा या बाबोसा की नहीं है।