नहर बंदी को देखते हुए जलदाय विभाग जुटा तैयारियों में
इस माह के अंतिम दिन प्रस्तावित नहर बंदी को देखते हुए जलदाय विभाग तैयारियों में जुट गया है। शहरी क्षेत्र में पानी की किल्लत को मिटाने के लिए दोनों जलाशयों को भरा जा रहा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी डिग्गियों को भरने का काम शुरू कर दिया है ताकि लोगों को पीने का पानी मुहैया करवा सके। नहर विभाग ने पहले 21 मार्च से नहर बंदी प्रस्तावित की थी लेकिन बाद में इसमें संशोधन करते हुए 30 मार्च तय किया गया। पहले आंशिक नहर बंदी रहेगी और इसके बाद पूर्ण नहर बंदी की जाएगी। ऐसे में करीब डेढ़ माह तक पेयजल किल्लत को देखते हुए जलदाय विभाग जुट गया है।
दोनों में जलाशयों में सवा चार मीटर पानी
शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए शोभासर एवं बीछवाल जलाशय बने हुए हैं। इन दोनों में पानी की भराव क्षमता 1500-1500 एमएल की है। इस समय इन दोनों ही जलाशयों में सवा चार-सवा चार मीटर पानी भरा जा चुका है और अभी भी नहर से पानी डाला जा रहा है। ताकि नहर बंदी के दौरान शहरी क्षेत्र में पानी का संकट पैदा नहीं हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्गियों का सहारा
जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति के लिए डिग्गियों का सहारा लिया जाएगा। इस वजह से इन डिग्गियों को भरने का काम शुरू कर दिया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-बड़ी 385 डिग्गियां बनी हुई है। इसमें जो डिग्गियां क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, उनकी मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया है ताकि नहर बंदी से पहले डिग्गियों को भरा जा सके।
विभाग को मिली 9 करोड़ रुपए की स्वीकृति
नहर बंदी में पानी की उपलब्धता के लिए 9 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। विभाग के अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) राजेश पूनिया ने बताया कि इस राशि से 30 तरह के काम किए जाएंगे। ताकि पानी की कोई कमी नहीं रहे। पेयजल की ज्यादा किल्लत रहेगी को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जाएगी।