
‘सेवा का संकल्प’ अभियान के तहत राजस्थान पत्रिका और नगर निगम की ओर से नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को हुआ। दीनदयाल सर्किल स्थित अंबेडकर भवन में हुई कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित पार्षदों को उनके अधिकार, कार्यों, वार्डों और शहर में विकास , विधिक अधिकारों, निगम की साधारण सभा, आवश्यक सभा और बजट सभा में रखे जाने वाले प्रस्तावों, नगर पालिका अधिनियम सहित तकनीकी बारीकियों से अवगत कराना रहा। जिससे वे अपने वार्डों में बिना किसी व्यवधान के जनसेवक के रूप में काम कर सकें।
कार्यशाला में सेवानिवृत्त आयुक्त मौलाबख्श ने पार्षदों को प्रशिक्षित करते हुए गुर बताए और नियमों तथा सदन की व्यवस्था और प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यशाला की समाप्ति पर महापौर, उप महापौर सहित पार्षदों ने बोर्ड पर हस्ताक्षर कर शहर के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया।
पार्षद शहर के विकास की रीढ़ : कल्ला
महापौर अनिल कल्ला ने कहा कि शहर के चहुंमुखी विकास में पार्षदों की भूमिका अहम है। पार्षद शहर के विकास की रीढ़ है। जनता को पार्षदों से अत्यधिक अपेक्षाएं है। कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए पार्षद शहर के विकास के साथ-साथ जनसमस्याओं का समुचित समाधान करते हुए शहर की जनता को लाभ पहुंचाए और विकास में सारथी बनें। वहीं उप महापौर पंकज गहलोत ने कहा कि पार्षद जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए सतत रूप से प्रयासरत है। पार्षदों के साथ अधिकारियों की भी जवाबदारी तय होनी चाहिए।
विशेषज्ञ की सीख
सेवानिवृत्त आयुक्त मौलाबख्श ने कहा कि नगर निगम शक्तिशाली स्वायत्त संस्था है। पार्षदों के पास व्यापक अधिकार है। पार्षद अपने अधिकारों और निर्धारित नियमों को समझे और इनका उचित उपयोग करें। पार्षद केवल अपने वार्ड ही नहीं पूरे शहर के विकास में अहम भूमिका निभा सकते है। वैचारिक मतभेद और दलीय सीमा से ऊपर उठकर शहर के सर्वांगिण विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं। पार्षद लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। सदन में हर पार्षद का लक्ष्य शहर का समुचित विकास और आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण होना चाहिए। उन्होंने महापौर और पार्षदों के अधिकार, सदन का संचालन, बैठक एजेण्डा, पार्षदों के प्रस्ताव, बैठक बुलाने के नियमों आदि की जानकारी भी पार्षदों को दी।
पार्षदों ने पूछे सवाल, जिज्ञासाएं की शांत
कार्यशाला के दौरान अनेक पार्षदों ने सेवानिवृत्त आयुक्त मौलाबख्श से सवाल किए और अपनी जिज्ञासाएं शांत की। इस दौरान निगम पार्षदों ने अपने अधिकारों, सदन में प्रस्ताव प्रस्तुत करने, पार्षदों के अधिकार सहित उनके समक्ष आ रही समस्याओं से जुड़े सवाल किए और जवाब प्राप्त कर जिज्ञासाएं शांत की। कार्यशाला का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।