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Rajasthan News: पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का निधन, सीने में उठा दर्द; अस्पताल में ली अंतिम सांस

Former MLA RK Das Gupta: बीकानेर के वरिष्ठ अधिवक्ता और श्रीकोलायत के पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का मंगलवार सुबह निधन हो गया। सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें हल्दीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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बीकानेर

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Anil Prajapat

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Updated: 27 Oct 2026, 11:40 AM IST

Former MLA RK Das Gupta

पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता। पत्रिका फाइल फोटो

बीकानेर। बीकानेर के वरिष्ठ अधिवक्ता और श्रीकोलायत के पूर्व विधायक आरके दास गुप्ता का मंगलवार सुबह निधन हो गया। सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें हल्दीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से न्यायिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बता दें कि आरके दास गुप्ता पेशे से अधिवक्ता थे। वे वर्ष 1977 में विधायक बने थे। हालांकि, सरकार से मतभेद के चलते उन्होंने करीब डेढ़ साल बाद ही विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी वे क्षेत्र के जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहे।

आरके दास गुप्ता बीकानेर में रेल बाइपास की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्षरत रहे। उन्होंने ऐतिहासिक रेल रोको आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके अलावा बीकानेर में राजस्थान हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर भी वे लगातार आवाज उठाते रहे। उनके निधन को बीकानेर के न्यायिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

राजनीति छोड़ करने लगे वकालत

पूर्व विधायक और वरिष्ठ अधिवक्ता आरके दास गुप्ता राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले थे। उन्होंने साल 1964 में बीकानेर के डूंगर कॉलेज से बीए किया था। इसके बाद साल 1966 में राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। जनता पार्टी में एंट्री के साथ ही उन्होंने राजनीति सफर की शुरूआत की। वे साल 1977 में कोलायत क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।

हालांकि, डेढ साल बाद ही जनता पार्टी से अलग हो गए थे और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। राजनीति छोड़ने के बाद वे वकालत करने लगे। लंबे कानूनी अनुभव और बार एसोसिएशन में आठ बार अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने के कारण बीकानेर के अधिवक्ता समुदाय में उनकी विशिष्ट पहचान रही। आरके दास गुप्ता ने कोटगेट और सांखला फाटक जैसी समस्याओं के मुद्दों को कोर्ट में प्रमुखता से उठाया था।

आपातकाल के दौरान जेल भी गए थे

वरिष्ठ अधिवक्ता आर के दास गुप्ता 26 जून 1975 से 22 जनवरी 1977 तक आपातकाल के दौरान बंदी रहे थे। उनको बीकानेर और जयपुर की जेल में बंदी बनाकर रखा गया था।