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Rajasthan Panchayat Election: सरपंच चुनाव परिणाम आते ही बवाल, हार-जीत को लेकर पत्थरबाजी- कई पुलिसकर्मी घायल, 50 से ज़्यादा हुड़दंगी हिरासत में

Sarpanch Chunav Result Rajasthan: बीकानेर के छतरगढ़ स्थित केला गांव में सरपंच चुनाव परिणाम के बाद जबरदस्त बवाल। हार-जीत के बाद हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल, 50 से अधिक हुड़दंगी डिटेन।
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बीकानेर

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Nakul Devarshi

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Updated: 25 Oct 2026, 2:44 PM IST

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सरपंच चुनाव आते ही बीकानेर में बवाल

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान और परिणामों के बाद प्रदेश के कई हिस्सों से तनाव और झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। बीकानेर जिले के छतरगढ़ उपखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम केला में सरपंच पद के चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद दो पक्षों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया कि वहां जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस अचानक पथराव के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चुनाव ड्यूटि पर तैनात कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से चोटिल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और हुड़दंगियों को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया। उपखंड अधिकारी (SDM) पवन कुमार और छतरगढ़ थानाधिकारी नवनीत सिंह भारी पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों की पहचान कर 50 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है। गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी खुद पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

जानिए क्या है पूरा चुनावी मुकाबला और विवाद की वजह?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छतरगढ़ पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले ग्राम केला में सरपंच पद के लिए मुकाबला कड़ा और रोमांचक था। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला जमीला और इकबाल के बीच था। दोनों पक्षों के बीच कांटे की टक्कर के बाद जब देर रात मतगणना की प्रक्रिया पूरी हुई, तो चुनाव परिणाम में जमीला को अपने प्रतिद्वंद्वी इकबाल के मुकाबले 34 वोटों से विजयी घोषित किया गया।

जैसे ही 34 वोटों के अंतर से इस हार-जीत के परिणाम की आधिकारिक घोषणा हुई, समर्थकों के बीच जश्न और निराशा का माहौल शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश और हार-जीत के तनाव को लेकर बहस तीखी हो गई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प और पथराव में बदल गई। चुनाव परिणाम की खुशी का माहौल अचानक दहशत और भगदड़ में तब्दील हो गया।

पथराव में कई पुलिसकर्मी चोटिल, पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग

गांव में अचानक शुरू हुई पत्थरबाजी के दौरान दोनों तरफ से छतों और सड़कों पर ईंट-पत्थर चलने लगे। इस दौरान वहां कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मी भी उपद्रवियों के निशाने पर आ गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक़
इस पथराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।

मौके पर मौजूद पुलिस बल ने जब स्थिति बेकाबू होते देखी, तो उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए हल्का बल प्रयोग किया और हुड़दंगियों को वहां से खदेड़ा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद गांव की गलियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थिति को कुछ ही देर में नियंत्रण में ले लिया गया। घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, 50 से अधिक हुड़दंगी डिटेन

घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बीकानेर पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा पूरे मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) बीएल मीणा और आरपीएस ममता सारस्वत ने तुरंत केला गांव पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया।

एसडीएम पवन कुमार, थानाधिकारी नवनीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक गांव में ही डटे रहे। पुलिस ने पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाते हुए शांति व्यवस्था भंग करने और पथराव में शामिल रहे 50 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य हुड़दंगियों की पहचान की जा रही है, जिन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

गांव में शांति बहाली के लिए भारी पुलिस जाप्ता तैनात

केला गांव में इस अप्रत्याशित हिंसा के बाद एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भी इस प्रकार की हिंसा की निंदा की है और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल, गांव में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस का कड़ा पहरा जारी है।