
बीकानेर. बदलती तकनीक और रोजगार के नए अवसरों के बीच युवाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़ने की पहल के तहत महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित नाइलिट बीकानेर वेस्ट में दो दिवसीय ड्रोन टेक्नोलॉजी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में 30 से अधिक विद्यार्थियों ने ड्रोन की कार्यप्रणाली को समझने के साथ उसका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। कार्यशाला का उद्घाटन केंद्र प्रभारी कपिल नायल ने किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक आज कृषि, रक्षा, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण, फोटोग्राफी और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से अपनी उपयोगिता साबित कर रही है। ऐसे में युवाओं के लिए उभरती तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान समय की मांग है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ड्रोन की असेंबली, प्रोग्रामिंग और संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन नाइलिट बीकानेर वेस्ट के फैकल्टी चक्षु हर्ष और वैभव स्वामी ने किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने ड्रोन उड़ाने और उसके संचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं को भी समझा।