CG News: नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहर की सड़कों को दूधिया रोशनी से रौशन करने की तैयारी शुरू हो गई है।
बिलासपुर। CG News: नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहर की सड़कों को दूधिया रोशनी से रौशन करने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर पालिक निगम ने काम शुरू कर दिया गया है। शहर की 12 सड़कों पर कुल 3 करोड़ 17 लाख 96 हजार की लागत से नए पोल और स्ट्रीट लाइट लगाए जाएंगे। वर्तमान में इसके लिए फाउंडेशन का काम किया जा रहा है।
शहर के मोपका चौक से चिल्हाटी, राजकिशोर नगर चौक से छठघाट, मंगला चौक से महर्षि स्कूल चौक तक, पावर हाउस चौक तोरवा से लालखदान ओवरब्रिज तक और अशोक नगर चौक से पत्रकार कॉलोनी तक नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट के जरिए सड़कों से अंधेरा दूर किया जाएगा। इनमें मंगला चौक से महर्षि स्कूल चौक तक 102 पोल व लाइट, अशोक नगर चौक से पत्रकार कॉलोनी तक 216 पोल , पावर हाउस चौक से लालखदान ओवरब्रिज तक 56 पोल व लाइटें लगाई जाएंगी।
इसी तरह राजकिशोर नगर चौक से छठघाट तक 216 पोल और मोपका चौक से चिल्हाटी तक 102 पोल लगाए जाएंगे। इन मार्गों में स्ट्रीट लाइट लग जाने से अंधेरा दूर होगा और राहगीरों को आवागमन में काफी आसानी होगी। बतादें कि इसके लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी, लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया था। क्योंकि इन क्षेत्रों में अब बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। यहां लाइट नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्ट्रीट लाइट लगने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में भी खुशी की लहर है।
मेंटेनेंस के लिए 70 वार्ड के लिए सिर्फ 15 कर्मी
शहर के 5 वार्ड यानी कि 42, 45, 49 58, 60 वार्ड में 500 से अधिक बिजली खंभे ऐसे हैं, जहां लाइटें नहीं लगी हैं। यहां किसी न किसी गली-मोहल्लों में अंधेरा पसरा हुआ है। यही हाल शहर के 65 वार्डों का है। 6 लाख की आबादी वाले 70 वार्ड में ठेका कंपनी ईईएसएल के पास लाइटों की मेंटेनेंस और देखरेख के लिए महज 15 कर्मचारी हैं। समस्या को देखते हुए 17 कर्मचारी निगम को देना पड़ा। यानी ये निगम के कर्मचारी हैं, लेकिन नौकरी ईईएसएल की कर रहे हैं।
रायपुर-कोनी मार्ग में पहले ही काम पूरा हो चुका है
शहर के ऐसे मार्ग जहां रोशनी का अभाव था, उन मार्गों में स्ट्रीट लाइट लगाने कार्य योजना के तहत तिफरा ओवरब्रिज से पेंड्रीडीह बाइपास तक 11 किमी में नए 367 पोल और 768 स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी है। इसी तरह मां महामाया चौक से तुर्काडीह पुल के लिए पत्रिका ने लगातार अभियान चलाया था। इसके बाद लगभग 6 किमी की दूरी में 200 इलेक्ट्रिक पोल और 448 नई स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं, जिससे पूरी सड़क में दूधिया रोशनी है। इधर जगमल चौक से गुरुनानक चौक तक भी 30 पोल व लाइटें लगाई जा चुकी हैं।
मंगला चौक से महर्षि स्कूल तक रोड खराब
मंगला चौक से महर्षि स्कूल चौक तक रोड खराब है। लिहाजा पहले तो स्ट्रीट लाइट के लिए सड़क चौड़ीकरण करनी होगी। इसके बाद स्ट्रीट लाइट लगाना संभव हो सकेगा, क्योंकि अगर सड़कों के बीच डिवाइडर बनाकर लाइट लगाया जाएगा तो सड़क सकरी हो जाएगी। इससे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर किनारे लगाया जाएगा तो भी सड़कों की मरम्मत करानी होगी, क्योंकि यहां के सड़क की हालत ठीक नहीं है।
अपोलो चौक से दयालबंद पुल तक स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत...
अरपा पार शहर के अपोलो चौक से दयालबंद पुल तक काफी अंधेरा रहता है। यह इलाका भी निगम के अंतर्गत ही आता है, लेकिन यहां स्ट्रीट लाइट लगाने की सुध कोई नहीं ले रहा है। इस रोड पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके अलावा इसी सड़क पर राइस मिल है, जिसकी वजह से बड़े-बड़े हाइवा और ट्राक यहां सड़क किनारे खड़े रहते हैं। रात के समय अंधेरा होने की वजह से दिखाई नहीं देता है, जिसकी वजह से कई बार बड़ी दुर्घटना भी हो चुकी है।
जिन स्थानों में स्ट्रीट लाइट लगाने की और आवश्यकता है उन जगहों पर आगे स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। चरणबद्ध तरीके से अभी मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। जहां जरूरत होगी, उन स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
कुणाल दुदावत, निगम कमिश्नर, बिलासपुर