
Chhattisgarh Crime News: साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में खपाने वाले गिरोह का रेंज साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर वित्तीय अपराध में मदद करने वाले नेटवर्क से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों से संबंधित बैंक खातों के खिलाफ 11 राज्यों में 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। ( Chhattisgarh News) इनमें करीब 4 करोड़ रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खातों की कडिय़ां खंगाल रही है।
जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क कमीशन के लालच पर चलता था। लोगों को बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार किया जाता और फिर खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड व अन्य बैंकिंग साधन दूसरे लोगों को उपलब्ध करा दिए जाते थे। इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था। गिरोह में अलग-अलग लोगों की भूमिका तय थी। कोई खाताधारक तैयार करता था, कोई बैंक खाते की व्यवस्था कराता था, जबकि कुछ आरोपी खातों में जरूरी एप्लीकेशन डाउनलोड कर उन्हें ऑनलाइन लेन-देन के लिए तैयार करते थे। बदले में खाताधारकों को लेन-देन के आधार पर कमीशन दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि अजय कुमार सोनी (36 वर्ष) निवासी रामनगर, टिकरीपारा, तखतपुर (बिलासपुर), अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू (49 वर्ष) निवासी पटेलपारा भथरी, थाना जरहागांव (मुंगेली), भास्कर कश्यप (42 वर्ष) निवासी दीनदयाल कॉलोनी, मंगला (बिलासपुर), नरेन्द्र कुर्रे (35 वर्ष) निवासी बस्ती बाराद्वार, कमहा मोहल्ला (सक्ती), आशीष तिवारी (36 वर्ष) निवासी पंप हाउस कॉलोनी, थाना सीएसईबी चौक (कोरबा) और देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन (26 वर्ष) निवासी गिट्टी खदान रोड, कटोरा तालाब रोड (रायपुर) को जांच की लंबी श्रंखला और कई कडिय़ां जोडऩे के बाद गिरफ्तार किया गया है।
मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित एक खाते में असामान्य लेन-देन सामने आने के बाद हुई। जांच में पता चला कि ‘अजय फार्म हाउस’ के नाम से संचालित खाते में इसी साल 18 मई से 12 जून के बीच महज 25 दिनों में 2 करोड़ 20 लाख 68 हजार 443 रुपए का संदिग्ध लेन-देन हुआ। बैंक स्टेटमेंट, खाता खोलने के दस्तावेज, मोबाइल नंबर और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में खाते के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने के तथ्य सामने आए। इसके बाद पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन और आरोपियों के आपसी संपर्कों की कडिंका जोड़ते हुए छह आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस की जांच में अजय कुमार सोनी के बैंक खाते के खिलाफ चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से 21 शिकायतें मिली हैं। वहीं भास्कर कश्यप के खाते के खिलाफ अलग-अलग राज्यों से 24 शिकायतें दर्ज होना पाया गया। इसके अलावा नरेन्द्र कुर्रे के खाते से संबंधित दो और आशीष तिवारी के खाते से संबंधित तीन शिकायतें सामने आई हैं। आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ कुल 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग सामग्री जब्त की है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उन बैंक खातों की भी जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हुआ।