Online Satta Racket: IPL के दौरान चल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। लाखों रुपए नकद और कीमती सामान जब्त, करोड़ों के सट्टे का खुलासा।
Online Satta Racket: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में आईपीएल मैचों के दौरान संचालित हो रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और संगठित कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में सिरगिट्टी थाना, सिटी कोतवाली और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम ने तीन अलग-अलग मामलों में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सक्रिय बुकी भी शामिल हैं।
पुलिस ने इस दौरान लगभग 7 लाख 50 हजार रुपए नकद, करीब 18 लाख 60 हजार रुपए मूल्य की संपत्ति, जिसमें वाहन और अन्य सामान शामिल हैं, जब्त किए हैं। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी शहर में सक्रिय बड़े और चर्चित सट्टेबाजों के लिए काम कर रहे थे, जिनमें कुछ फरार खाईवाल भी शामिल हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच के दौरान करोड़ों रुपए के ऑनलाइन सट्टे से जुड़ा हिसाब-किताब मिला है, जिससे इस नेटवर्क के बड़े पैमाने पर फैले होने का संकेत मिला है।
कार्रवाई के दौरान एसीसीयू टीम ने शहर में मोबाइल ऐप के माध्यम से सट्टा खिलाने वाले दो मुख्य आरोपियों—सौरभ पवार (जरहाभाठा) और कमल पंजवानी (चकरभाठा) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी आईपीएल के तहत खेले जा रहे राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच मैच पर बॉल-टू-बॉल सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें उस समय पकड़ा, जब वे एक्टिवा वाहन के जरिए शहर में घूम-घूमकर लोगों से दांव लगवा रहे थे।
सीएसपी निमितेश सिंह के निर्देश पर एसीसीयू टीम पहले से ही इन गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने आरोपियों का पीछा कर उन्हें घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से 1 लाख 48 हजार रुपए नकद, दो महंगे ओप्पो स्मार्टफोन और एक एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई। इसके बाद दोनों को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसी क्रम में एक अन्य बड़ी कार्रवाई सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में की गई, जहां गुम्बर पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने एक सफेद रंग की क्रेटा कार में बैठे तीन आरोपियों—रामेश्वर गुप्ता उर्फ दउवा (गनियारी), दीपचंद सोनकर उर्फ चिंटू (देवरीखुर्द) और सीताराम साहू (सिरगिट्टी) को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से व्हाट्सएप के जरिए सट्टा संचालन के पुख्ता सबूत मिले। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 लाख 1 हजार 300 रुपए नकद, चार मोबाइल फोन और लगभग 10 लाख रुपए कीमत की क्रेटा कार जब्त की है। पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने की बात स्वीकार की है।
Online Satta Racket: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल शुरुआती कड़ी है और जांच का दायरा अन्य थाना क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जा रहा है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में सभी आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आईपीएल के दौरान शहर में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का खुलासा इस कार्रवाई से हुआ है, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती थी।
साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी में शामिल न हों और यदि ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के अवैध नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह पूरी कार्रवाई शहर में अपराध पर नियंत्रण और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।