बिलासपुर

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: लेखा अधिकारी का निलंबन रद्द, एसईसीएल को 3 माह में सभी लाभ देने का आदेश

High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश से एसईसीएल को झटका लगा है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है, नियम व कानून के दायरे से बाहर जाकर दी गई सजा, कानून के नजरिए से अमान्य है।
less than 1 minute read
Bilaspur High Court
Bilaspur High Court(photo-patrika)

Bilaspur High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश से एसईसीएल को झटका लगा है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है, नियम व कानून के दायरे से बाहर जाकर दी गई सजा, कानून के नजरिए से अमान्य है। याचिकाकर्ता कर्मचारी का निलंबन बहाल करते हुए सैलेरी, इंक्रीमेंट सहित अन्य लाभ तीन महीने के भीतर देने का निर्देश दिया है।

कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी एसईसीएल में रजनीश कुमार गौतम लेखा अधिकारी के पद पर तैनात थे। पूर्व सैनिकों की एजेंसियों की कोल लोडिंग और परिवहन बिलों से बकाया राशि की कटौती और वसूली करने में विफल रहने व इससे एसईसीएल को वित्तीय नुकसान होने का आरोप लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। विभागीय जांच के बाद, उन्हें एक वर्ष के लिए वेतनमान में निचले स्तर पर डिमोशन कर दिया। इस अवधि के दौरान इंक्रीमेंट भी रोकने का आदेश जारी कर दिया। इसके खिलाफ याचिका दायर की गई। सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई।

कोई सबूत नहीं मिला

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने कहा कि विवादित बिलों की लेखापरीक्षा,जांच और वसूली से संबंधित कार्य उन्हें कभी सौंपे ही नहीं गए थे। इसके अलावा लगाया गया दंड कोल इंडिया के अधिकारियों को नियंत्रित करने वाले वैधानिक नियमों के विरुद्ध है। याचिकाकर्ता की भूमिका केवल रिकॉर्ड के लिए ऐसे बिल प्राप्त करने और उन्हें आगे भेजने तक सीमित थी।

Updated on:
17 Jan 2026 05:35 pm
Published on:
17 Jan 2026 05:35 pm