बिलासपुर

CG High Court: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई कार्रवाई, 50 हजार खंभों से हटे अवैध केबल, शेष 3 हजार से भी जल्द हटेंगे

High Court: सुनवाई के दौरान सीएसपीडीसीएल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि चरणबद्ध तरीके से खंभों से केबल हटाए जा रहे हैं और अब केवल तीन हजार खंभों से ही केबल हटाना बाकी है।
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Updated: 28 Feb 2026, 9:01 AM IST
हाईकोर्ट (photo-patrika)
हाईकोर्ट (photo-patrika)

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बिजली खंभों पर लगे केबल और उलझे तारों के मामलों में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीएसपीडीसीएल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि चरणबद्ध तरीके से खंभों से केबल हटाए जा रहे हैं और अब केवल तीन हजार खंभों से ही केबल हटाना बाकी है।

कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर में कुल 2 लाख 83 हजार बिजली खंभों की जांच की गई। इनमें से लगभग 50 हजार खंभों में टीवी केबल लगे पाए गए थे। जनवरी से अब तक अधिकांश खंभों से केबल हटा दिए गए हैं। सीएसपीडीसीएल ने बताया कि जल्द ही बाकी 3 हजार खंभों से भी यह काम पूरा कर लिया जाएगा।

कोर्ट ने लिया गंभीरता से

ध्यान रहे कि हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बिजली खंभों पर लगे टीवी केबल न केवल शहर की सुंदरता को खराब कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। कई जगहों पर तार लटकने और उलझने से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से इस मामले को जनहित याचिका के रूप में सुना जा रहा है।

स्थायी कार्ययोजना पूछी

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि बाकी बिजली खंभों से जल्द से जल्द केबल हटाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से यह भी पूछा कि भविष्य में दोबारा ऐसे हालात न बनें, इसके लिए क्या स्थायी कार्ययोजना तैयार की गई है। इस जनहित याचिका में मुख्य सचिव, ऊर्जा सचिव, नगरीय प्रशासन सचिव, बीएसएनएल, एमडी सीएसपीडीसीएल, कलेक्टर-कमिश्नर और अधीक्षण अभियंता को पक्षकार बनाया गया है।

Updated on:
28 Feb 2026, 9:01 AM IST
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