लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है सोमवार से चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु कर दिया जाएगा लेकिन मौसम साफ रहने पर तेजी से काम किया जाएगा।
बिलासपुर. लोक निर्माण विभाग ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मापदंडों के अनुरूप रनवे का निर्माण नहीं किया है और चौड़ाई दो मीटर कम कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते घरेलू विमान सेवा अब चार माह बाद ही शुरू हो पाएगी। अगस्त में विमान शुरू करने का लक्ष्य था लेकिन रनवे सही न होने से दो माह की और देर होगी। रनवे की चौड़ाई को बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा सोमवार से काम शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है सोमवार से चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरु कर दिया जाएगा लेकिन मौसम साफ रहने पर तेजी से काम किया जाएगा। अगर मौसम ने साथ नहीं दिया तो इस काम में काफी समय लग सकता है। लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी का कहना है घरेलू विमान सेवा अब अगस्त में शुरू नहीं हो पाएगी। इसके लिए कम से कम दो महीने का समय और लग सकता है। इस तरह चार माह बाद ही विमान सेवा शुरू हो पाने की संभावना है। बताया जाता है इस गड़बड़ी के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के अफसरों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। डीजीसीए की टीम शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। अफसरों से मिले फीडबैक के अनुसार टीम विमानन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसी आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बताया जाता है मापदण्ड में गड़बड़ी होने के कारण आगे की प्रक्रिया में भी रोक लगा दी गई है।
मापदंडों की धज्जियां उड़ाईं, निर्माण के बाद फिर होगा निरीक्षण : शुक्रवार को एविऐशन के अफसरों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी गाइड लाइन व पत्रों का निरीक्षण शुरू किया। रनवे निर्माण के लिए तय मापदंडों व नाम्र्स की जब पड़ताल की तो उन्हें कुछ संदेह हुआ। दस्तावेजों के साथ पीडब्ल्यूडी के अफसरों को लेकर वे सीधे एयरपोर्ट पहुंचे। वहां रनवे की चौड़ाई नापने का निर्देश दिया। इस दौरान लंबाई तो ठीक निकली पर चौड़ाई में बड़ी चूक सामने आ गई। डेढ़ किलोमीटर लंबाई में बने रनवे की चौड़ाई शुरू से लेकर अंत तक दो मीटर कम पाई गई। बताया जाता है कि तय मापदंड के अनुरूप जब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कर लिया जाता, आगे की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई। अफसरों ने दो टूक कहा कि अथॉरिटी के नाम्र्स के अनुसार रनवे की चौड़ाई दो मीटर बढ़ानी ही होगी। रनवे निर्माण के बाद डीजीसीए की टीम दोबारा निरीक्षण करने आएगी। इसके बाद ही लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
ईई से करते रहे सवाल-जवाब : अफसरों ने ईई मघेश्वर प्रसाद से सवाल-जवाब शुरू किया। उनसे रनवे से लेकर टायरिंग तक की जानकारी मांगी। अंडरग्राउंड वाटर टैंक के निर्माण और आपातकालीन व्यवस्था के विषय में भी पूछे। मालूम हो कि डीजीसीए की पांच सदस्यीय टीम में डायरेक्टर जनरल सिविल एविऐशन मुंबई, असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल सिविल एविऐशन दिल्ली के अलावा रायपुर एयरपोर्ट के तीन अधिकारी शामिल थे।