
शिवनाथ नदी में मिला शव (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh News: बलौदाबाजार यातायात थाने में पदस्थ एक उपनिरीक्षक (एसआई) की पत्नी का शव बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी से बरामद हुआ है। महिला पिछले कुछ दिनों से लापता थी। पहले उसकी लावारिस स्कूटी मिली, जिसके बाद पुलिस ने आसपास तलाशी अभियान चलाया और करीब पांच किलोमीटर दूर बेलटुकरी-पथर्रा घाट के पास नदी में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया। प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद की बात सामने आई है, जिसके चलते पुलिस आत्महत्या सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बिल्हा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग ने बताया कि बुधवार को अमलडीहा के पास एक लावारिस स्कूटी मिलने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को स्कूटी की डिक्की में उसकी चाबी मिली। वाहन नंबर के आधार पर मालिक की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि स्कूटी प्रीति जॉन (43) के नाम पर उपयोग में थी। पुलिस ने उनके भाई से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि यह स्कूटी उन्होंने अपनी बहन को दी थी।
पुलिस ने जब आगे पूछताछ की तो पता चला कि प्रीति जॉन के पति प्रियेश जॉन बलौदाबाजार जिले के यातायात थाने में उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। स्कूटी की चाबी उन्हें सौंप दी गई, लेकिन प्रीति का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू की। स्कूटी मिलने के स्थान से लगभग पांच किलोमीटर दूर बेलटुकरी-पथर्रा घाट के पास शिवनाथ नदी में महिला का शव मिला।
पुलिस के अनुसार शव कई दिन पुराना होने के कारण काफी हद तक डीकंपोज हो चुका था और उसकी स्थिति क्षत-विक्षत थी। डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम कर लिया है, लेकिन शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। करीब छह महीने पहले विवाद के बाद प्रीति जॉन पति से अलग होकर बिलासपुर के तिफरा स्थित आश्रय परिसर में रहने लगी थीं। दोनों के बीच बातचीत भी लगभग बंद थी। पुलिस को प्राथमिक जांच में यह भी जानकारी मिली है कि महिला ने अपने पति को एक संदेश भेजा था, जिसमें लिखा था, मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना।
पुलिस के अनुसार प्रीति जॉन 12 जुलाई से लापता थीं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उनके परिजनों या पति की ओर से किसी भी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। इसी कारण पुलिस को महिला के लापता होने की जानकारी तब मिली, जब उनकी स्कूटी बरामद हुई। जांच के दौरान महिला का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। न तो वह स्कूटी में मिला और न ही शव के पास। पुलिस का मानना है कि मोबाइल मिलने से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
Updated on:
18 Jul 2026, 12:58 PM IST
Published on:
18 Jul 2026, 12:58 PM IST
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