
बिलासपुर. बस्तर आर्ट अपनी सुंदरता के लिए काफी पसंद है और इसकी कलाकृतियों से सजी हुई बस शहर पहुंची है। जिसमें बस्तर आर्ट के कलाकारों की कलाकृतियां लोगों को लुभा रही है। ट्राइबल, नंदी, घुंघरू वाले नंदी, लाल टेन, कछुआ, मछली, डोकरा आर्ट, भगवान गणेश की मूर्ति की कलाकृतियां खास है। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की ओर से ग्रामोद्योग विभाग बस्तर आर्ट की बस से इसकी कला का प्रचार-प्रसार करती है। जो प्रदेश भर में भ्रमण करते हुए लोगों तक पहुंचती है। इसी कड़ी में यह बस शहर में राजेन्द्र चौक मेन रोड पर है। जिसमें इन कलाकृतियों को देखने के लिए लोग पहुंच रहे है। इस बस के प्रभारी किशुन मिंज ने बताया कि बस्तर के आदिवासी कलाकारों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां इस बस में है। जिसे हम लोगों तक पहुंचाते है और सरकार की योजना के तहत इसकी बिक्री की जाती है।० बेल मेट की कलाकृतियांबस्तर के आदिवासियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां सुंदर है। बेलमेट से बनी हुई कलाकृतियों में सजावटी सामग्री के साथ ही कई उपयोगी वस्तुंए है। इसमें छोटी-बड़ी हर तरह की कलाकृतियां है।
वाल हैंगिंग
बस्तर आर्ट की कलाकृतियों में सजावटी सामग्री में पारंपरिक डिजाइन के अलावा भी वाल हैंङ्क्षगग के लिए भी कई तरह के डिजाइन है। इसमें गणेश झूला, कृष्णा झूला, राधा, फ्रेम वाले ट्राइबल आर्ट है।
प्रदेश भर में करती है भ्रमण
बस्तर आर्ट का प्रचार-प्रसार करने के लिए यह बस प्रदेश भर में भ्रमण करती है। रायपुर मुख्यालय है और वहां से ही प्रदेश के अलग-अलग जिले में जाती है। अभी शहर में सात दिनों के लिए आई है। इसके बार एनटीपीसी सीपत जाएगी। इसी तरह से यह बस प्रदेश भर में भ्रमण करती है।