मैग्रेटो मॉल में गौरांग बोबडे की मौत के मामले में प्रधानमत्री कार्यालय से छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र जारी किया गया है। पत्र में मुख्य सचिव से गौरांग की मौत के मामले में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। यह सारी जानकारी प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
21 जुलाई की रात को मेग्रेटो मॉल में गौरांग की हुई संदिग्ध मौत के बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सोशल साइट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री सुष्मा स्वराज से गुहार लगाई थी। इस मामले में एडवोकेट मणिशंकर पाण्डेय ने भी पीएमओ को पत्र भेजा था।
गौरतलब है कि 21 जुलाई की रात रामा मैग्नेटो मॉल में स्थित टीडीएस बार में बिल्डर श्रीरंग बोबडे का बेटा गौरांग बोबड़े अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी मना रहा था। पार्टी खत्म होने से पहले उसके कुछ दोस्त वहां से निकल गए। जबकि किशुंक अग्रवाल, करन जायसवाल, करण खुशलानी और अंकित मल्होत्रा वहां मौजूद थे। कुछ देर बाद गौरांग मॉल के बेसमेंट में बेहोशी की हालत में मिला था।
उसके दोस्त उसे छोड़कर भाग गए। बार के बाउंसरों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने किशुंक अग्रवाल, करन जायसवाल, करण खुशलानी और अंकित मल्होत्रा पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।