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Rajasthan Politics : महिला आरक्षण पर अब कांग्रेस का ‘काउंटर अटैक’, BJP के खिलाफ उतारीं सीनियर महिला नेत्रियों की फ़ौज, देखें जारी हुई सूची 

राजस्थान में महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ घेराबंदी शुरू कर दी है। 22 से 24 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा के 'राजनीतिक षड्यंत्र' का पर्दाफाश किया जाएगा।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 22 Apr 2026, 10:59 AM IST

File PIC

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राजस्थान की राजनीति में 'महिला आरक्षण' अब केवल एक बिल नहीं, बल्कि आर-पार की जंग का मैदान बन गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा के बयानों पर पलटवार करते हुए अब राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) बड़ा 'काउंटर अटैक' करने जा रही है। 

पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया है कि भाजपा ने आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की ऐसी भूलभुलैया में फंसा दिया है, जिससे महिलाओं को उनका हक 2029 तक मिलना नामुमकिन है।  

मैदान में कांग्रेस की महिला ब्रिगेड

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी एक परिपत्र में बताया गया है कि वो हमेशा से ही महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, और 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुए विधेयक के तहत तुरंत महिलाओं को उनका हक़ एवं आरक्षण देने की मांग करती है, जबकि भाजपा इसे परिसीमन और जनगणना की शर्तों में उलझाकर टाल रही है।

प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार महिला आरक्षण पर BJP द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के खिलाफ 22 से 24 अप्रैल 2026 को प्रदेशभर में जिला स्तर पर प्रेस वार्ता आयोजित करके जनता को सच्चाई बताई जाएगी और भाजपा के राजनीतिक षड्यंत्र को उजागर किया जाएगा।

भाजपा के 'भ्रम' को तोड़ने के लिए डोटासरा के निर्देशानुसार, प्रदेशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जिलावार समन्वयकों (Coordinators) की नियुक्ति की गई है। यहाँ उन महिला नेताओं की सूची है जो जिला स्तर पर मोर्चा संभालेंगी:

जिला (DCC)समन्वयक (Coordinator)
गंगानगरशबनम गोदारा
हनुमानगढ़शिमला देवी नायक
बीकानेर (शहर/देहात)डॉ. कृष्णा पूनिया
चूरूरीटा चौधरी
झुंझुनूंसोना बावरी
सीकर / नीमकाथानाशकुंतला रावत
कोटपूतली-बहरोड़जाहिदा खान
अलवर / खैरथल-तिजारापूनम गोयल
डीग / भरतपुरममता भूपेश
धौलपुरसफिया जुबेर
करौलीगीता खटाना
दौसाइंदिरा मीणा
सवाई माधोपुरममता शर्मा
टोंकअनीता जाटव
नागौर / डीडवाना-कुचामनसुनीता गठाला
ब्यावरप्रतिष्ठा यादव
पालीरमीला मेघवाल
फलोदीप्रियंका मेघवाल
जोधपुर (शहर/देहात)संगीता बेनीवाल
जैसलमेरउर्मिला योगी
बाड़मेर / बालोतरागीता बरवड़
जालोरसुमन यादव
सिरोहीअंजना मेघवाल
डूंगरपुरकुंती देवदा
बांसवाड़ाप्रीति शक्तावत
चित्तौड़गढ़मनीषा पंवार
प्रतापगढ़उर्मिला जैन भाया

डोटासरा के 4 तीखे सवाल: 'मोदी जी, भाषण नहीं ठोस अधिकार चाहिए'

डोटासरा ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर घेरा है:

  1. देरी की साजिश: जब 2014 से भाजपा सत्ता में है, तो समय पर जनगणना क्यों नहीं करवाई गई?
  2. नोटिफिकेशन में झोल: बिल पास होने के बाद गजट नोटिफिकेशन में देरी क्यों हुई? संवैधानिक विशेषज्ञों के सवालों का जवाब कहाँ है?
  3. परिसीमन का डर: असम और कश्मीर की तरह क्या पूरे देश में परिसीमन को भाजपा सियासी षड्यंत्र का हिस्सा बनाएगी?
  4. तत्काल लागू क्यों नहीं?: वर्तमान 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू करने में क्या दिक्कत है? इसे टालना सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है।