राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी एक परिपत्र में बताया गया है कि वो हमेशा से ही महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, और 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुए विधेयक के तहत तुरंत महिलाओं को उनका हक़ एवं आरक्षण देने की मांग करती है, जबकि भाजपा इसे परिसीमन और जनगणना की शर्तों में उलझाकर टाल रही है।