
Rajasthan BJP - File PIC
राजस्थान की राजनीति में एक दुर्लभ और बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिलने वाला है। अमूमन सरकार के खिलाफ विपक्ष सड़कों पर उतरता है, लेकिन इस बार राजस्थान की 'सत्ताधारी' भाजपा ने ही विरोध-प्रदर्शन का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन द्वारा संसद में महिला आरक्षण बिल (संविधान 131वां संशोधन विधेयक-2026) का कथित तौर पर विरोध किए जाने के बाद, भाजपा ने इसे प्रदेश के कोने-कोने में ले जाने का फैसला किया है।
शनिवार को नई दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर महिला अधिकारों के हनन का आरोप लगाया था। इस प्रेस वार्ता के तुरंत बाद भाजपा के केंद्रीय संगठन ने राजस्थान इकाई को सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा आलाकमान का मानना है कि राजस्थान जैसे राज्य में, जहाँ महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण बड़े चुनावी मुद्दे हैं, वहां कांग्रेस के इस "महिला विरोधी" रुख को घर-घर पहुँचाना फायदेमंद साबित होगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रदेश भाजपा अब सिलसिलेवार विरोध-प्रदर्शनों का ब्यौरा तैयार कर रही है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि दिल्ली में जो मुद्दा उठाया गया है, उसे राजस्थान की मिट्टी में गहराई तक उतारा जाएगा। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के रुख को "शर्मनाक" बताते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने योजनाबद्ध तरीके से नारी शक्ति के सपनों को कुचला है। राजस्थान भाजपा के नेताओं का तर्क है कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को हक देना चाहा, तो कांग्रेस, टीएमसी और सपा जैसे दलों ने अड़ंगा लगाया।
राजस्थान में भाजपा का यह कदम 'प्रो-एक्टिव पॉलिटिक्स' का हिस्सा है।
जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। जल्द ही विरोध-प्रदर्शनों की तारीखों, स्थानों और प्रभारियों की घोषणा की जाएगी। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "हम कांग्रेस को भागने का मौका नहीं देंगे। उन्हें बताना होगा कि उन्होंने आधी आबादी का हक क्यों छीना?"
Published on:
19 Apr 2026 02:19 pm
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