काजल किरण कश्यप. बिलासपुर.
वर्ष 2017 में एक ओर ग्रह अपने स्थान बदल रहे है वहीं दूसरी ओर इस साल सभी त्योहार 2016 की तुलना में जल्दी ही मनाए जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस साल सभी त्योहार आठ से दस दिन पहले ही मनाए जाएंगे। तिथि तो वहीं रहेंगे लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक सभी त्योहार पहले ही मनाए जाएंगे। होली, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, दुर्गोत्सव, दिवाली सहित सभी प्रमुख पर्व इस साल आठ से दस दिन जल्दी आएंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित महेश्वर प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि हिन्दी तिथि के मुताबिक हर त्योहार तो उसी तिथि में मनाए जाते है लेकिन अंग्रेजी कैलेण्डर में तारीख बदलते रहती है। इस साल अक्टूबर तक सभी प्रमुख त्योहार संम्पन्न हो जाएंगे। अगस्त से अक्टूबर माह तक जमकर त्योहारों की रौनक रहेगी। अगस्त की शुरुआत में जहां रक्षाबंधन का पर्व आएगा। वहीं इसी महीने जन्माष्टमी और गणेश उत्सव की शुरुआत भी हो जाएगी। इसी प्रकार सितम्ंबर में नवरात्रि और दशहरा और अक्टूबर में दिवाली की धूम रहेगी।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ.उद्धव श्याम केसरी ने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर की तिथियों के हिसाब से पर्वों में आठ से दस दिन का अंतर आता है, लेकिन हिन्दी पंचांगों की निर्धारित तिथि पर ही हिन्दू पर्व आते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हिन्दी पंचांग के हिसाब से प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिक मास आता है, इस कारण लगभग दस दिनों का अंतर आता है। जिस वर्ष अधिकमास होता है उस वर्ष अधिकमास के बाद पर्व लगभग एक माह आगे चले जाते हैं। इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से पर्वों में आठ से दस दिन का अंतर आता रहता है।
अक्टूबर में ही मन जाएगी देवउठनी ग्यारस
अक्टूबर माह में दिवाली के बाद देवउठनी एकादशी भी मनाई जाएगा। एेसा इस सदी में पहली बार होगा, जब अक्टूबर में देवउठनी एकादशी मनेगी। सामान्य तौर पर नवंबर माह में ही देवउठनी एकादशी मनाई जाती थी। बसंत पंचमी 1 फरवरी को, महाशिवरात्रि 24 फरवरी को, होली 13 मार्च, गुड़ी पड़वा 29 मार्च, अक्षय तृतीया 29 अप्रैल, देवशयनी एकादशी 5 जुलाई, गुरु पूर्णिमा 9 जुलाई, नागपंचमी 28 जुलाई, रक्षा बंधन 7 अगस्त, जन्माष्टमी 15 अगस्त, गणेश चतुर्थी 25 अगस्त, अनंत चतुर्दशी 5 सितंबर, नवरात्रि 21 सितंबर, दशहरा 30 सितंबर, दीपावली 19 अक्टूबर व देवउठनी ग्यारस 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी।