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जयपुर पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में बड़ा खुलासा: ‘पंखा नहीं चलेगा, मटका नहीं रखोगे’, जानें याकूब के जुल्म की कहानी

Jaipur Factory Blast: जयपुर के खोह नागोरियान स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी याकूब मजदूरों को पंखा लगाने और पानी का मटका रखने तक की अनुमति नहीं देता था। उसका तर्क था कि पंखे से बारूद उड़ सकता है और मटके की नमी से पटाखे खराब हो जाएंगे।

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जयपुर

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Arvind Rao

Jun 14, 2026

Jaipur Firecracker Factory Blast

आरोपी याकूब और उसकी आलीशान संपत्ति (पत्रिका फोटो)

Jaipur Firecracker Factory Blast Update: जयपुर: खोह नागोरियान इलाके में पटाखों के अवैध कारखाने में हुए ब्लास्ट में आठ मजदूरों की मौत के बाद, जैसे-जैसे बारूद ठंडा पड़ रहा है, वैसे-वैसे चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। अवैध पटाखा कारखाना चलाने वाला याकूब इस कारखाने को एक तरह से स्लीपर सेल की तरह चला रहा था।

बता दें कि यहां पटाखे बनाने वाले मजदूर घंटों भीषण गर्मी में तपते और प्यासे रहकर काम करते थे। हाल यह था कि काम खत्म कर जब मजदूर बाहर आते थे तो घंटों खांसते रहते थे या फिर आसपास के घरों के बाहर लगे नलों की तरफ दौड़ते हुए दिखाई देते थे।

नहीं लगाने दिया पंखा, कहा- बारूद उड़कर बाहर तक जाएगा

सूत्रों के अनुसार, कारखाने में काम करने वाले मजदूर जब भीषण गर्मी से परेशान होने लगे तो उन्होंने पंखा लगाने की सोची। इसके लिए एक पोल डालकर कड़ा भी लगा दिया था। पंखा लगाने की तैयारी की सूचना याकूब को मिली तो वह वहां पहुंचा और मजदूरों को धमकाया।

साथ ही कहा कि पंखे की हवा से बारूद और उसकी गंध उड़कर बाहर तक जाएगी तथा मामला बिगड़ सकता है। याकूब वहां से यह कहते हुए निकला कि अगर किसी ने उसके जाने के बाद पंखा लगाने की कोशिश की तो उससे बुरा कोई नहीं होगा।

यहां मटका रखा तो बारूद नमी पकड़ लेगा, कौन खरीदेगा गीले पटाखे

स्थानीय लोगों ने दबी जुबान बताया कि जब याकूब ने पंखा नहीं लगाने दिया तो गर्मी में मजदूरों के हलक सूखने लगे। उन्होंने फोन कर याकूब से कहा कि पंखा नहीं लगाने दे रहे हो तो पानी पीने के लिए मटका ही रखने दो। इस पर उसने कहा कि यहां मटका रखा तो बारूद नमी पकड़ लेगा। ऐसे में गीले पटाखे कौन खरीदेगा। इसके बाद मजदूर कमरे से बाहर निकलकर दूसरी जगह जाकर पानी पीते थे।

कचरे से निकली चिंगारी बनी शोला

अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की ठोस वजह अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री के सामने किसी ने कचरा जलाया था। हवा चलने से चिंगारी उड़कर फैक्ट्री तक पहुंची और फिर शोला बन गई।

याकूब जब भी फैक्ट्री का निरीक्षण करने आता था तो बाहर पड़े कचरे को देखता था और बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े देखकर मजदूरों से पूछता था कि यहां चोरी-छिपे कोई बीड़ी-सिगरेट तो नहीं पी रहा है।