
Bilaspur Violence Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद, पथराव और हिंसा के मामले में फरार आरोपी एवं आदतन बदमाश सोहेल खान ने मंगलवार शाम पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई इस हिंसक घटना के बाद इलाके में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 लागू है। सोहेल खान ने सरेंडर करने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए खुद को इस पूरे मामले में निर्दोष बताया। उसने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। सोहेल का कहना है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था।
सरेंडर से पहले सोहेल खान ने कहा कि मोहल्ले के कुछ युवकों के विरोध करने की जानकारी मिलने के बाद वह घर से बाहर निकल रहा था। हालांकि, उसके परिजनों ने उसे जबरदस्ती घर पर रोक लिया था। उसने दावा किया कि वह पथराव और हिंसा की घटना में शामिल नहीं था। सोहेल ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि इससे पहले उसे आत्महत्या के एक मामले में भी फंसाया जा चुका है। सोहेल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस सोहेल खान की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही थी। उसके रिश्तेदारों के घरों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान पुलिस ने उसके परिजनों को थाने बुलाकर पूछताछ भी की थी। लगातार पुलिस दबिश और पूछताछ के बीच सोहेल मंगलवार शाम सरेंडर करने पहुंच गया। हिरासत में लेने के बाद एसीसीयू की टीम ने देर रात तक उससे पूछताछ की। पुलिस उससे घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों, उनकी भूमिका और संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक दोनों पक्षों के कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस एक पक्ष के लोगों के खिलाफ ज्यादा कार्रवाई कर रही है। दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि कुछ युवकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाने के बाद छोड़ दिया जा रहा है, जबकि उनके पक्ष के लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस आरोप के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है।
मंगलवार को भी पुलिस ने मामले से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए सिटी कोतवाली बुलाया था। पुलिस ने उनसे घटना के दौरान मौजूद लोगों, विवाद शुरू होने की वजह और पथराव में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जानकारी ली। आवश्यक पूछताछ के बाद कई लोगों को छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बिलासपुर के खपरगंज इलाके में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हुई और फिर पथराव होने लगा। इलाके में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इस हिंसा में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी समेत पुलिसकर्मी घायल हो गए। पथराव में घायल पुलिसकर्मियों की संख्या को लेकर शुरुआती जानकारी में अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। पुलिस मामले की जांच और सभी घटनाक्रम का रिकॉर्ड तैयार कर रही है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
पुलिस अब घटना से जुड़े सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर पथराव, हिंसा और पुलिस पर हमला करने वाले अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में एक पक्ष का मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में भी लगातार कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा अन्य फरार आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सोहेल खान के सरेंडर के बाद पुलिस की जांच का फोकस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान पर है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।