Cheating in Exam: बिलासपुर जिले में दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल (लिपिकीय) भर्ती परीक्षा के दौरान बिलासपुर में हाईटेक नकल का मामला सामने आया है।
Cheating in Exam: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल (लिपिकीय) भर्ती परीक्षा के दौरान बिलासपुर में हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। जैमर लगे परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर रहे एक अभ्यर्थी को पुलिस ने रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया है।
यह घटना 9 जनवरी 2026 की है, जब फरहदा स्थित जीटीबी कॉलेज में दिल्ली पुलिस 2025 सीबीई परीक्षा (एसएससी द्वारा आयोजित) की शाम की पाली की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा का समय शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक था। इसी दौरान राजस्थान के दौसा जिले के सेकंड बसवा निवासी मोहित मीना (25 वर्ष) परीक्षा दे रहा था।
परीक्षा के दौरान मोहित मीना ने सिर पर टोपी और बदन पर जैकेट पहन रखी थी। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, उसने शरीर में छिपाकर रखे ब्लूटूथ डिवाइस को चालू करने की कोशिश की। उसकी संदिग्ध हरकतों पर परीक्षा कक्ष में मौजूद ऑब्जर्वर की नजर पड़ गई।
संदेह होने पर ऑब्जर्वर ने अभ्यर्थी को परीक्षा हॉल से बाहर ले जाकर कार्यालय में बैठाया। जांच के दौरान उसकी टोपी, जैकेट और शर्ट उतरवाकर तलाशी ली गई, जिसमें कंधे के नीचे टेप से चिपकाया गया इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ।
घटना की जानकारी कॉलेज मैनेजर विजय कुमार लहरे (निवासी फास्टरपुर बघमार, मुंगेली) ने सीपत थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और अभ्यर्थी को थाने ले जाकर ब्लूटूथ डिवाइस जब्त किया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मोहित मीना का एक सहयोगी कॉलेज के आसपास लैपटॉप या टैबलेट लेकर बैठा हुआ था। अभ्यर्थी द्वारा एक बटन दबाने पर बाहर बैठे व्यक्ति की डिवाइस में हरी लाइट जलती थी, जिसके बाद वह मोबाइल के जरिए सवालों के जवाब बता रहा था। मोहित के पकड़े जाने के बाद उसका सहयोगी मौके से फरार हो गया।
सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा के अनुसार, परीक्षा केंद्र में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित थे और जैमर भी लगाए गए थे। इसके बावजूद हाईटेक तरीके से नकल की जा रही थी। पुलिस ने मैनेजर की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 6, 112, 2, 318, 4, 61, 2 के तहत अपराध दर्ज कर मोहित मीना को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।