CG News: अरपा नदी में डूबकर हुई तीन बच्चियों की मौत के मामले में हाईकोर्ट की स्वत: संज्ञान और एक अन्य जनहित याचिका पर सोमवार को एक साथ सुनवाई की गई।
बिलासपुर। CG News: अरपा नदी में डूबकर हुई तीन बच्चियों की मौत के मामले में हाईकोर्ट की स्वत: संज्ञान और एक अन्य जनहित याचिका पर सोमवार को एक साथ सुनवाई की गई। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा बच्चियों की मौत को लेकर पूर्व में दर्ज एफआईआर के निर्देश पर उप संचालक खनिज बिलासपुर ने शपथपत्र प्रस्तुत किया।
इसमें दोषी रेत ठेकेदार के मामले में जांच रिपोर्ट भी शामिल है। दो सप्ताह बाद अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता द्वारा भी अपना प्रत्युत्तर प्रस्तुत किया जाएगा। दो माह पहले अरपा नदी में खनन से बने गड्ढों में डूबकर तीन बच्चियों की मौत हुई थी। इस पर हाईकोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया। एक अन्य जनहित पर भी एक साथ सुनवाई चल रही है। पिछली बार सुनवाई में खनिज विभाग की ओर से शपथपत्र में बताया गया कि पिछले दो साल में 654 अवैध परिवहन के प्रकरण दर्ज हुए।
इसमें लाखों का जुर्माना लगाया गया है। 6 अवैध खनन के प्रकरणों पर कोनी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। पूर्व में हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस ने बच्चियों के मामले में पहले बताए गए चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए थे। चीफ जस्टिस की डीबी बिलासपुर के उप संचालक खनिज दिनेश मिश्रा ने एक शपथपत्र प्रस्तुत किया। 118 पेज के इस शपथपत्र में प्रमुख रूप से जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाईयों का विस्तृत उल्लेख है।
इसमें हाईकोर्ट द्वारा पिछली बार दिए गए निर्देश के पालन में तीन बच्चियों की मौत पर रेत ठेकेदार के खिलाफ परिजनों की शिकायत आने पर कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच की जांच रिपोर्ट शामिल है। इसमें बताया गया है कि, कलेक्टर द्वारा खनन प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने के बाद यहां कोई अवैध खनन नहीं हुआ है।