सरगुजा जिले के प्रतापुर में महान नदी है, महान कालरी एरिया है और यहां की समस्याएं भी महान हैं। रास्ते में जगह-जगह टूटी हुई नदी में लुढ़की पुलिया दिखती हैं। सड़कों का काम सालभर में भी पूरा नहीं हो सका है।
राजीव द्विवेदी/बिलासपुर. सरगुजा जिले के प्रतापुर में महान नदी है, महान कालरी एरिया है और यहां की समस्याएं भी महान हैं। रास्ते में जगह-जगह टूटी हुई नदी में लुढ़की पुलिया दिखती हैं। टूटी पुलिया के पास नहा रहे सुमरु ने कहा- लोगों को आने-जाने की सुविधा के लिए इसे बनाया गया था, लेकिन सालभर भी नहीं चलीं। जहां नदी में पानी कम है, वहां से किसी तरह निकल रहे हैं। सड़कों का काम सालभर में भी पूरा नहीं हो सका है। इन अधूरी सड़कों पर उठते धूल के गुबार घरों तक उड़ रहे हैं। वहीं खड़े मदन ने कहा-कालरी एरिया होने के कारण कोयले भरे ट्रक दिन-रात गांवों का सीना रौंद रहे हैं, लेकिन सड़के बनवाने की सुध न तो कालरी प्रबंधन को है न हमारे चुने प्रतिनिधियों को।
सरगुजा में सूरजपुर जिले की प्रतापपुर विधानसभा वीआइपी है। यहां के विधायक रामसेवक पैकरा गृहमंत्री हैं। हम प्रतामपुर पहुंचे तो ऐसा लगा जैसे चंबल के बीहड़ों में आ गए हैं। नालों और ऊंची मिट्टी पत्थर की पहाडिय़ों के बीच से निकली धूल भरी सड़कों के किनारे चंद घरों वाले गांव वीरान से लगते हैं। सड़कों पर ज्यादातर कोयले भर ट्रक दौड़ते दिखे। यहां के जनपद पंचायत में मोबाइल के लिए नाम जुड़वाने वालों की भीड़ लगी थी। इनसे पूछा कि क्या उनके काम आसानी से हो पाते हैं, तो वहां खड़ी रामबाई, सुखरी नेताम बोलीं- अबहीं तो मोबाइल के लिए नाम जुड़वाए खातिर जूझत हन। सरकार तो सुविधा दे रही है, पर चक्कर खूब लगाना पड़ता है।
हैंडपंप तक तो लगवा नहीं पाए, क्या उम्मीद करें
प्रतापुर एरिया के गांव सोनपुर निवासी युवक विकास व्यथा बताता है- मेरे पिता गांव के उपसरपंच हैं। गांव में पानी के लिए हैंडपंप बहुत कम हैं। हैंडपंप लगवाने के लिए विधायक से आवेदन किया लेकिन आज तक हैंडपंप नहीं लगा। गांव वालों को जवाब देना मुश्किल होता है। ऐसे में लोगों में नाराजगी तो रहेगी।
शहर की सड़कें तक चलने लायक नहीं
अंबिकापुर स्टेशन से शहर तक अगर आप ऑटो में आते हैं तो ऐसा लगेगा कि उछल-उछल कर चल रहे हैं। पूरी सड़क में हर तरफ गड्ढे हैं। शहर के अंदर भी ज्यादार जगहों पर सड़कों की यहीं हाल है। पूरे शहर में धूल उड़ रही है, पेयजल और बिजली व्यवस्था चौपट है इसलिए नाराजगी भी है। अंबिकापुर मेंं हमने कई जगह लोगों के जनमानस को टटोला, दुकानों, पान ठेलों में खड़े लोगों से चर्चा की तो जवाब मिला कि समस्याओं से बीच ही जी रहे हैं। यहां के विधायक टीएस सिंहदेव नेता प्रतिपक्ष हैं। यानी यह सीट भी वीआइपी कही जा सकती है। मेयर भी कांग्रेस का है लेकिन विकास पता नहीं कहां है? शहर के युवाओं पंकज सिंह, दीक्षांत, संतोष राज से विचार जाने तो उन्होंने कहा कि इस बार तो विकास ही मुद्दा है, जो काम करेगा उसको वोट देंगे।