Chaitra Navratri 2026: देश-दुनिया में बढ़ती महंगाई और वैश्विक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा उदाहरण देखने को मिल रहा है।
Chaitra Navratri 2026: देश-दुनिया में बढ़ती महंगाई और वैश्विक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा उदाहरण देखने को मिल रहा है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश के 5 प्रमुख देवी मंदिरों में 47 हजार 500 से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल राशि 4 करोड़ 25 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। इनमें 40 हजार 500 से अधिक तेल ज्योति कलश और 7 हजार से ज्यादा घी के ज्योति कलश शामिल हैं।
तेल ज्योति कलश पर लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपए, जबकि घी ज्योति कलश पर करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। मंदिरों में एक तेल ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने के लिए 700 रुपए और घी के लिए 2100 रुपए की रसीद काटी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव, इजराइल-ईरान युद्ध और कच्चे तेल-गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आम जनता महंगाई को लेकर चिंतित है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका असर नहीं पड़ा है। बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों में पहुंचकर ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करा रहे हैं।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, हर साल की तुलना में इस बार ज्योति कलश की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो इस बात का संकेत है कि कठिन परिस्थितियों में भी लोगों का विश्वास और भक्ति मजबूत बनी हुई है। चैत्र नवरात्रि के इस पावन पर्व पर प्रदेश के इन पांच मंदिरों में जल रहे करोड़ों के ज्योति कलश यह संदेश दे रहे हैं कि महंगाई और वैश्विक संकट के बीच भी आस्था की लौ कभी कम नहीं होती।