Chandrayan 3: चंद्रयान 3 के चन्द्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग के बाद देश भर में जश्न का माहौल है।
बिलासपुर. चंद्रयान 3 के चन्द्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग के बाद देश भर में जश्न का माहौल है। लेकिन बिलासपुर जिले के तखतपुर में रहने वाले दो व्यवसायी वितेन्द्र पाठक और परवेज भारमल के लिए ये मौका और भी खास बन गया है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों ने एक अमेरिकी कंपनी लूनर एम्बेसी से 2006 में चन्द्रमा पर दस हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से एक-एक एकड़ जमीन खरीदी है।
जिसके चलते भारत के सफल चंद्रयान मिशन के बाद ये सुर्खियों में आ गए। नगरवासियों से दोनों को खूब बधाईयां और शुभकामनाएं मिलने लगी, वहीं दिन भर इनके नाम की खबरें और मीम भी वायरल रहीं।
बकायदा रजिस्टर्ड प्लाट नंबर
विज्ञापन देख जब इन्होने जब कम्पनी से संपर्क किया फिर कम्पनी ने इन्हे जमीन का बाकायदा चयनित लोकेशन दिया है। इनका प्लाट एरिया जे6 क्वाड्रेंट गल्फ प्लांट नम्बर 13/1226 तथा 26 से 30 डिग्री आक्षांश और 30 से 26 डिग्री देशांश चिंहित किया गया। इसके अतरिक्त एक सेल डीड की कॉपी कम्पनी के द्वारा दी गई। पूरा देश चंद्रयान 3 की खुशी से झुम उठा वहीं दोनों व्यवसायी भी फुले नही समा रहे है की जहां उनकी जमीन है उस चांद पर चंद्रयान 3 की लैंडिंग हो गई है।
यहां से चांद पर प्रॉपर्टी की डीलिंग
दुकानदारों ने बताया कि अमेरिका स्थित ल्यूनर एम्बेसी ही विश्व में एक ऐसी कंपनी है, जिसके पास ग्रहों की प्रापर्टी बेचने का अधिकार है। इसने 1980 से अपना व्यवसाय प्रारंभ किया और आज उसके पास 180 विभिन्न देशों में 37 लाख से अधिक प्रॉपर्टी आनर हैं। मौजूदा समय में ये मार्स, जुपिटर, मरकरी और वीनस गृह तक में जमीन बेच रहे है। इस कंपनी से भारतीय दिग्गज कलाकारों ने भी संपत्ति खरीद रखी है।
वितेंद्र पाठक