महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहीं चुन्नी मौर्य
शहर की समाजेसवी चुन्नी मौर्य का आज समाज सेवा के क्षेत्र में सबसे अग्रणी नाम है। वह किसी परिचय की मोहताज नहीं है। उनका जन्म दुर्ग के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। शुरू से ही प्रतिभाशाली रहीं चुन्नी मौर्य कुकिंग, सिंगिंग और सिलाई कढ़ाई में रुचि रखने के साथ ही सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि रखती हैं। मन में सेवा भाव लिए हमेशा जरूरतमंदों की सेवा शुरू से ही उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा। सन 1992 में एक प्रतिष्ठित परिवार में उनकी शादी हुई। घर में पर्दा प्रथा और संयुक्त परिवार की जिम्मेदारियां भी बहुत बढ़ गईं। चूल्हे में खाना बनाना और परिवार का ध्यान रखना, बच्चों की जिम्मेदारी के बावजूद उन्होंने गरीब और जरूरतमंदों की सेवा नहीं छोड़ी, हां थोड़े उतार-चढ़ाव जरूर आए। लेकिन ससुराल और रिश्तेदारों के साथ समन्वय बनाते हुए समाज सेवा के लिए समय देना थोड़ा मुश्किल जरूर था, लेकिन उनका दृढ़ संकल्प ही उन्हें सेवा के क्षेत्र में अडिग रखा। उनका जज्बा मुखर होकर तब सामने आया जब उन्हें लायंस क्लब की सचिव, मौर्य समाज की उपाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति जिला संयोजिका बनाया गया। उन्होंने श्रुति जन कल्याण फाउंडेशन के द्वारा जरूरतमंदों को नि:शुल्क सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण देना शुरू किया। विगत 4 वर्षों से करीब 2000 महिलाओं को वह स्वरोजगार से जोड़ चुकी हैं। कोई भी सेवा कार्य चाहे वह नि:शुल्क केक प्रशिक्षण हो, निर्धन कन्या विवाह, महिलाओं में आत्मरक्षा के गुण, नशा मुक्ति, गुड टच बैड टच, माहवारी मिथ्या व समाधान, राखी प्रशिक्षण, गुलाल बनाना, दिवाली में बाती प्रशिक्षण, हर क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं। शुरू से ही मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा लिए उन्होंने फैशन की दुनिया में कदम रखा और कई बार फैशन शो में विजेता भी रहीं, लेकिन इसी जुनून ने उन्हें सफलता के उस मुकाम में पहुंचा दिया,जहां उन्हें इंटरनेशनल ग्लेम आइकॉन 2023 का अवार्ड मिला। उन्होंने दुबई , मलेशिया, बैंकॉक,थाईलैंड, पश्चिम बंगाल, मालदीप जैसे कई देशों की 50 प्रतिभागियों के बीच अपना स्थान बनाया और विनर भी विनर बनीं। आज भी उनका सेवा कार्य निरंतर जारी है।