
बिलासपुर. न्यू सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने बैठक बुलाई तो सभी अधिकारी डायरी और फाइल लेकर पहुंचे थे। लेकिन सीएम बघेल ने सादगीपूर्ण अंदाज में बातचीत शुरू की तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
ऐसा पहली बार हुआ जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासन की योजनाओं व अन्य गतिविधियों की जानकारी लेकर अफसरों को फटकार लगाना छोड़ सौहार्दपूर्ण वातावरण में खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा डायरी और फाइल को किनारे रख दीजिए आज कुछ व्यक्तिग बातेंं करेंगें।
सीएम ने एक प्रशिक्षु अफसर की शादी की बात छेड़ी तो वे शरमा गए। प्रशिक्षु आइएएस ने कहा अभी मैं 24 साल का हूं सर, इतने में सीएम ने एक और सवाल दाग दिया और कहा कि लव मैरिज तो नहीं करेंगे न, मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार की सुबह से कुछ इसी अंदाज में अधिकारियों की बैठक ली।
इस दौरान वे हाल में बैठे प्रत्येक अधिकारियों से इसी तरह से रूबरू हुए और उनका परिचय के साथ पारिवारिक जानकारी भी ली। बैठक में बघेल सहज, सरल नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को नएवर्ष की शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 चुनौतियों से भरा रहा। फिर भी सभी ने टीम भावना के साथ इसका सामना किया। चर्चा के दौरान कहा कि जिला मुख्यालय के साथ ही विकासखंड स्तर पर शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई कर सकेंगे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिला दिलाने कहा। दो घंटे तक चली इस बैठक में पूरे समय मुख्यमंत्री अधिकारियों से उनके परिचय लेकर गांव व परिवार की चर्चा करते रहे। उनके इस अंदाज को देखकर अधिकारी भी असहज नजर आए।
एडीशनल एसी ने बताया वे किसान परिवार से हैं
एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि उनके भाई खेती-किसानी करते हैं। तब सीएम ने पूछा धान बिक गया है या नहीं। इस पर एएसपी कश्यप ने धान बेचने की जानकारी दी। तब मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि खाते में रकम जमा हुई है या नहीं। इस पर एएसपी कश्यप ने स्र्पये जमा होने की बात कही।
आईएएस रानू साहू की बहन ने भी परिचय दी
नायब तहसीलदार तुलसी मंजरी साहू का परिचय सुनकर सीएम ने गरियाबंद जिला स्थित उनके गांव मांडूका के बारे में चर्चा शुरू कर दी। वे आइएएस रानू साहू की बहन हैं और उनकी मां लक्ष्मी साहू जिला पंचायत सदस्य हैं। इसी तरह टीआइ परिवेश तिवारी से कहा कि जुड़वा बेटी को पहचानने में दिक्कत तो नहीं होती, तब उन्होंने कहा नहीं सर।
इतिहास की जानकारी होनी चाहिए
छत्तीसगढ़ के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। प्राचीन राजधानी जिले में रतनपुर में स्थित है और इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां के तालाबों को वाटर रिचार्ज के रूप में हमें देखना चाहिए।