
Chhattisgarh Snake Rescue: बरसात का मौसम शुरू होते ही वन्यजीवों, खासकर जहरीले सांपों का रिहायशी और सरकारी परिसरों में निकलना शुरू हो गया है। ऐसा ही एक मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रारोड स्थित एसडीएम कार्यालय परिसर में सामने आया, जहां कार्यालय के गार्ड रूम में करीब छह फीट लंबा विषैला कोबरा घुस गया। सांप बिस्तर के नीचे छिपकर बैठा था। समय रहते उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, एसडीएम कार्यालय के समीप बने गार्ड रूम में अचानक जहरीला कोबरा दिखाई दिया। जैसे ही लोगों की नजर उस पर पड़ी और उसने फुफकारना शुरू किया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सभी अपनी जान बचाकर कमरे से बाहर निकल आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल क्षेत्र के प्रसिद्ध सर्प मित्र द्वारिका प्रसाद कोल को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सर्प मित्र द्वारिका प्रसाद कोल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी सतर्कता और अनुभव का परिचय देते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद उन्होंने कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर एक पारदर्शी रेस्क्यू बॉक्स में बंद कर लिया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
द्वारिका प्रसाद कोल ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र में कोबरा को 'गेहुअन' कहा जाता है। यह बेहद विषैला और खतरनाक सांप होता है। रेस्क्यू के बाद उसे आबादी से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और आसपास के क्षेत्रों में द्वारिका प्रसाद कोल अपनी नि:स्वार्थ सेवा के लिए जाने जाते हैं। वे अब तक हजारों जहरीले और दुर्लभ प्रजाति के सांपों का सफल रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगलों में छोड़ चुके हैं। उनके इस प्रयास से न केवल कई लोगों की जान बची है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
सर्प मित्र द्वारिका प्रसाद कोल ने बताया कि कोबरा के जहर का असर बेहद तेजी से होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में घरों, खेतों और सरकारी परिसरों में विशेष सावधानी बरतें। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने की कोशिश करें, बल्कि तुरंत वन विभाग, स्थानीय प्रशासन या प्रशिक्षित सर्प मित्र को सूचना दें, ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। ऐसे में वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों, दफ्तरों और अन्य इमारतों में घुस जाते हैं। इसलिए इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतना और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखना बेहद जरूरी है।