
School Closed: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। शहर में रातभर से लगातार तेज बारिश जारी है, जिससे कई रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया और लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया।
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे मौसम ने करवट ली और ठंडी हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। हालांकि यह बारिश कुछ देर बाद थम गई थी। रात करीब आठ बजे फिर से बारिश शुरू हुई और रात 11 बजे के बाद इसका असर काफी बढ़ गया। इसके बाद पूरी रात तेज बारिश होती रही। समाचार लिखे जाने तक करीब 10 घंटे से लगातार एक जैसी रफ्तार से बारिश जारी थी।
लगातार बारिश के कारण बिलासपुर शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। निचली बस्तियों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि कई घरों में भी पानी घुस गया। सिर्फ निचले इलाके ही नहीं, बल्कि शहर की पॉश कॉलोनियां भी जलभराव से अछूती नहीं रहीं।
बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके पानी में डूब गए। सरकंडा के जोरापारा मेन रोड, बंधवापारा, शिवम होम्स, हंसा विहार कॉलोनी, श्रीकांत वर्मा मार्ग, पुराना बस स्टैंड, मिशन अस्पताल रोड और सदर बाजार में सड़कों पर पानी भर गया। कई जगह सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
वहीं पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हुई। इसके बावजूद 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से करीब 31 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में में 462.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 265.7 मिमी होती है। यानी यहां 74% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। यह प्रदेश का इकलौता जिला है जो बहुत ज्यादा बारिश की श्रेणी में है।
मुंगेली में 331.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 21% ज्यादा है। यह जिला अधिक बारिश की श्रेणी में शामिल है। वहीं बालोद (+4%), बलौदाबाजार (+9%), बलरामपुर (+6%), दंतेवाड़ा (+14%), दुर्ग (-4%), गरियाबंद (-4%), जांजगीर-चांपा (+13%) में बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (+11%), कोरबा (-14%), महासमुंद (+8%), नारायणपुर (-10%), रायपुर (+8%), राजनांदगांव (-13%), सक्ती (+11%), बिलासपुर (-19%) में भी ठीक-ठाक बारिश हुई है।