बिलासपुर

डॉक्टर कह रहे थे इलाज चल रहा है इधर तीन दिन से महिला का शव मरच्यूरी में पड़ा था

covid centre negligence - कांग्रेस नेताओं के दबाव के बाद मामला के बारे में पड़ताल किया गया तो शव मरच्यूरी में मिला।
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डॉक्टर कह रहे थे इलाज चल रहा है इधर तीन दिन से महिला का शव मरच्यूरी में पड़ा था

बिलासपुर . संभागीय कोविड अस्पताल में एक महिला की मौत भर्ती के दूसरे दिन हो गई थी। लेकिन यहां के डॉक्टर उनके परिजन को इलाज चल रहा है जानकारी देते रहे। महिला के पति को शक हुआ तो मामले की जानकारी कांग्रेस नेताओं को दी गई।

कांग्रेस नेताओं के दबाव के बाद मामला के बारे में पड़ताल किया गया तो उसका शव मरच्यूरी में मिला। कांग्रेसियों ने पूछा मौत की सूचना क्यों नहीं दी गई तब प्रभारी ने बताया मोबाइल नम्बर का एक डिजिट गलत नोट (covid centre negligence) कर लिया गया था।

शहर से लगे ग्राम महमंद निवासी महेशिया बाई पति कमलेश निषाद को संभागीय कोविड अस्पताल में 24 अप्रैल को भर्ती किया गया इलाज के दौरान 25 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। कर्मचारियों ने शव को मरच्यूरी में रखवा दिए। कमलेश ने बताया वे अपनी पत्नी का हालचाल पूछने के लिए प्रतिदिन अस्पताल के बाहर चार से पांच घंटा खड़े रहता था वहां के डाक्टर और स्टाफ से पूछने पर कहा करते थे कि उसका इलाज चल रहा है।

कमलेश ने बताया स्टाफ के बातों पर उनको शक हुआ तो मामले की जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता अभयनाराण राय को दी। अभय ने ब्लाक अध्यक्ष जावेद मेमन सहित अन्य नेताओं को कोविड अस्पताल बुलवाया इसके बाद महिला के बारे में कोविड प्रभारी डॉ. अनिल गुप्ता से पूछताछ की। डॉ. गुप्ता पहले कांग्रेसियों ने कहा महिला की इलाज चल रही होगी। एक स्टाफ को पीपीई किट पहनाकर कोरोना वार्ड में भेजा गया परिजन साथ में फोटो भी लेकर आए जिससे कर्मचारियों ने पहचान करते हुए कहा कि महिला का शव मरच्यूरी में रखा है।

इसके बाद कांग्रेस नेता अभयनाराण राय ने डाक्टर से कहा मौत की सूचना क्यों नहीं दी गई तब डॉ ने कहा मोबाइल नम्बर का एक डिजिट गलत था फिर कहने लगे नाम गलत नोट हो गया था। डाक्टर के गोलमोल जवाब सुनकर कांग्रेसियों ने हंगामा शुरु कर दिया मामले की जंाच कराने की मांग और दोषियों के खिलाफ कार्रवाही की मांग जिला प्रशासन से की गई है।

वर्जन-कांग्रेसी बेवजह का हंगामा कर रहे थे । महिला के परिजन का मोबाइल नम्बर दिया गया था उसका एक डिजिट गलत था। जिसके कारण मौत की जानकारी नहीं दे पाए। नियमानुसार मृतक के शव को दो दिन से ज्यादा नहीं रखने का निर्देश है फिर भी हम लोग शव को डीप फ्रीजर में रखे रहे।
- डॉ. अनिल गुप्ता, प्रभारी संभागीय, कोविड अस्पताल

Published on:
29 Apr 2021 01:09 am