
बिलासपुर. बंगालीपारा सरकंडा निवासी युवती ने मोहल्ले के ही युवक द्वारा छेड़छाड़़ व टिका टिप्पणी से तंग आकर आत्मदाह कर वर्ष 2014 में जान दे दी थी। आत्मदाह के बाद युवती के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने विभिन्न जांच के कर 4 साल बाद मामले में अपराध दर्ज किया था। घटना के बाद से ही फरार आरोपी को पुलिस 6 साल बाद बलौदा बाजार के मोपका से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के अनुसार बंगाली पारा निवासी प्राची (बदला हुआ नाम) को मोहल्ले का ही युवक अमित यादव पिता सारथी यादव (24) काफी परेशान किया करता था। युवती व उसके पिता द्वारा कई बार समझाइश देने के बाद भी युवक अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा था। अमित की प्रताड़ना से परेशान प्राची ने वर्ष 2014 में घर पर ही पेट्रोल डाल आत्मदाह का प्रयास किया था।
प्राची की मौत के बाद पंचनामा के दौरान सरकंडा पुलिस को युवती की डायरी में लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला था इसमें उसने बंगालीपारा निवासी अमित द्वारा परेशान करने व उसकी वजह से घर से बाहर निकलने पर भी डर लगने व उसकी वजह से ही आत्महत्या जैसा संगीन कदम उठाने की बात लिखी थी। पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद करने के बाद मामले में जांच कर रही थी।
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आत्म हत्या के लिए उकसाने का फरार आरोपी बलौदा बाजार में अपने रिश्तेदार के यहां छिप कर रह रहा है। पुलिस ने गुरुवार रात बलौदा बाजार के मोपका में दबिश देकर अमित यादव पिता सारथी यादव को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाई व शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
फॉरेंसिक व हस्त मिलान एक्सपर्ट, सीनियर अधिकारियों की राय में लगा 4 साल
बंगाली पारा निवासी युवती प्राची वर्ष 2014 में आत्मदाह किया था, सरकंडा पुलिस को मामले में अपराध दर्ज करने में 4 साल का वक्त लग गया। इसका कारण जांच अधिकारी ने एफएसएल रिपोर्ट, डॉक्टरी रिपोर्ट, सुसाइड नोट का हस्त लिपी केन्द्र में एक्सपर्ट द्वारा राय व उच्चाधिकारियों की राय लेकर वर्ष 2018 में अमित यादव पर आत्म हत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज हुआ था।
सरकंडा थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता ने कहा, आत्म हत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार आरोपी के बलौदा बाजार स्थित मोपका गांव में छिपे होने की जानकारी पुलिस को मिली। सूचना पर सरकंडा थाने की टीम बलौदा बाजार के मोपका में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।