भागदौड़ और अनियमित जीवन शैली के कारण मोटापा एवं मधुमेह व्यक्ति के जीवन का अनिवार्य अंग बनता जा रहा
बिलासपुर। 25 जनवरी से 29 जनवरी तक चलने वाला शिविर का समापन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। तुलसी मिलेटस चौपाटी मंगला एवं ग्राम विकास के आयाम "आरोग्य संस्थानम्’ के नेतृत्व में 6 दिवसीय मोटापा एवं मधुमेहमुक्त कार्यक्रम का आयोजन स्वस्थ विलासपुर हो इस दृष्टि से स्वास्थ्य रक्षण हमारा प्रथम उद्देश्य हो, क्योंकि शास्त्रों में भी कहा गया है स्वास्थ्य माघ खलु धर्मसाधनम् " को चरितार्थ करने के उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया था। आज के भागदौड़ में सबसे ज्यादा उपेक्षा व्यक्ति स्वास्थ्य की करने लगा है। भागदौड़ और अनियमित जीवन शैली के कारण मोटापा एवं मधुमेह व्यक्ति के जीवन का अनिवार्य अंग बनता जा रहा है।
शिविर का उद्घाटन 24 जनवरी को किया गया । उदघाटन कार्यक्रम में लक्ष्मीनारायण अग्रवाल संचालक तुलसी मिलेट चौपाटी, स्वामी जल ?ल महाराज योगाचार्य एवं शिविर संचायक, रामधन रजक जिला संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, शिक्षा-अधिकरी पटले जी, विभाग संयोजक श्री रोहित भांगे जी एवं प्रांत प्रमुख ग्राम-विकास-"आरोग्य संस्थानम् के मार्गदर्शक आचार्य देवेन्द्र जी उपस्थित रहे।
अपने प्रस्तावना भाषण में आचार्य देवेन्द्र जी, कार्यक्रम की आवश्यकता, महत्ता एवं शिविर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस अभियान को आगे कैसे चढ़ाया जाएगा एवं प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण, जनजागरण करने के स्वरूप पर प्रकाश डाया। इस अभियान में आरोग्य संस्थानम से जुड़े सभी पञ्तत्व-चिकित्सक, आयुर्वेद चिकित्सक एवं प्राकृतिक चिकित्सकों की टीम व्यापक स्तर पर कार्य करने की योजना बनाई है, जो सतत पूरे प्रदेश में व्यापकस्तर पर चलने वाली है।
उद्?घाटन अवसर पर स्वामी जल-?ल महराज जी ने यौगिक क्रिया शंख - प्रक्षालन एवं श्रीधान्य (मिलेट्स) की उपयोगिता के ऊपर अपने विन्चार विस्तार से रखें। मा. जिला संघचालक जी एवं लक्ष्मीनारायण अग्रवाल जी ने आर्शिवचन कार्यक्रम की स?लता हेतु प्रदान किया। आभार प्रदर्शन शिक्षा अधिकारी पटले पी ने संबोधन में हर प्रकार से सहयोग प्रदान करने की बात कही। आभार प्रदर्शन रोहित भांगे जी एवं कार्यक्रम संचालन मोहनीश कौशिक (युवा आयाम प्रमुख)-ने किया ।
शिविर प्रात: 5.30 से प्रासम होकर 10.30 बजे तक विभिन्न सत्रों के माध्यम से सम्पन्न होता ता था। प्रथम सत्र खाली पैर भ्रमण करना, जिससे व्यक्ति का का पृथ्वी तत्व मजबूत होता है। क्योंकि हमारा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और सभी तत्व शरीर में समान मात्रा में होनी चाहिए।
द्वितीय सत्र में उगते हुए सूर्य भगवान का त्राटक के माध्यम से बिना पलक सपका झपकाए दर्शन करना। तृतीय सत्र में अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार के कषायमं का सेवन करना उसके बाद छोटी आंत दोनों की अच्छे से सफाई हो जाती है। मनुष्य का पैनक्रियाज सक्रिय हो जाता है और शरीर में स्वाभाविक इंसुलिन बनने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती है, - इस विधि में उष्ण जल का सेवन व शंख प्रक्षालन की योगिक क्रिया को बार-बार दोहराया जाता है।
अंतिम सत्र में योगनिद्रा का अभ्यास एवं प्रतिदिन बदल-बदकर धान्य (मिलेट्स) से बने सात्विक आहार का सेवन कराया जाना शामिल था। मिलेट्स में सभी अनाजों से ज्यादा माता में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट एवं फाइबर पाया जाता है जो रोगों को ठीक करने के साथ- साथ शरीर की शुद्धि भी करता है।
इस प्रकार के शिविर व प्रशिक्षण की मांग को देखते हुए पुन: मार्च माह में वृहद शिविर एवं प्रशिक्षण की योजना बनी है एवं प्रदेशस्तर पर आवश्यकतानुसार जन-जागरण, एवं प्रशिक्षण शिविर प्रस्तावित है। 6 दिवसीय शिविर में एक सौ पचीस (125) लोगों ने भाग लिया। शिविर के सफल संचालन हेतु तोखन साहु केन्द्रीय राज्यमंत्री जी का शुभकामना संदेश प्राप्त हुआ। जिला आयुष अधिकारी ध्रुव जी ने हर प्रकार के सहयोग देने का बचन प्रदान किया है।
शिविर को सफल बनाने में गोविन्द तिवारी, विनोद निर्मलकर सह जिला कार्यवाह, नगर सहकार्यवाह चन्द्रप्रकाश, उपनगर प्रमुख, बस्ती प्रमुख, पार्षद रमेश पटेल पी ग्राम विकास नगर संयोजक अमित चतुर्वेदी तुर्वेदी, नगर सहसंयोपक अंकित श्रीवास, युवा आयाम के सभी कार्यकर्ता एवं विभाग प्रचार प्रमुख अजय सूर्यवंशी की प्रमुख भूमिका रही है।