बिलासपुर

जिस शहर में अमृत का जल वहां डायरिया का प्रकोप : अब तक मिल चुके 12 मरीज, 2 की मौत से मचा हड़कंप

Diarrhea OutBreak In Bilaspur : हाल में ही इसी शहर के लिए अमृत मिशन का लोकार्पण हुआ है, और इसी शहर में डायरिया का प्रकोप सामने आ रहा है।

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जिस शहर में अमृत का जल वहां डायरिया का प्रकोप : अब तक मिल चुके 12 मरीज, 2 की मौत से मचा हड़कंप
जिस शहर में अमृत का जल वहां डायरिया का प्रकोप : अब तक मिल चुके 12 मरीज, 2 की मौत से मचा हड़कंप

बिलासपुर. हाल में ही इसी शहर के लिए अमृत मिशन का लोकार्पण हुआ है, और इसी शहर में डायरिया का प्रकोप सामने आ रहा है। मंगलवार को इमलीपारा इलाके में 2 महिलाओं की मौत होने व 12 से ज्यादा मरीज मिलने से शहर ही नहीं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पहले चांटीडीह व तालापारा में भी डायरिया के बड़ी संख्या में मरीज मिले थे। इसकी मुख्य वजह गंदा पेयजल था। बहरहाल स्वास्थ्य विभाग घर-घर लोगों की जांच कर रहा है। साथ ही विशेष शिविर भी लगाई गई है। इधर महिलाओं की मौत डायरिया से ही हुई है, स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।

दरअसल अमृत मिशन का उद्घाटन तो हो गया लेकिन इसका पानी शहर को नहीं मिल रहा है। ऐसे में आज भी दूषित पेयजल के कारण बीमारी हो रही है। बतादें कि शहर के इमलीपारा, चांटीडीह, राजकिशोर नगर, टिकरापारा, तालापारा, मंगला सहित अन्य इलाकों में पेयजल सप्लाई वाली पाइप लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। ये पाइप लाइने नालियों से गुजरी हुई हैं। इसके कारण दूषित पेयजल सप्लाई के साथ लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इसे पीने से ही लोग बीमार पड़ रहे हैं। हर साल नगर निगम जर्जर पाइप लाइनों की जगह नई पाइप लाइन बिछाने या फिर उसे दुरुस्त करने का हवाला देता है, पर इस दिशा में काम नहीं किया जा रहा है। बारिश के दिनों में जाम नालियों के उफान मारने के साथ ही पेयजल में मिलकर लोगों तक पहुंच रहा है। गंदा पानी पीने से लोगों को डायरिया समेत पेट संबंधी अन्य बीमारी घेर ले रही हैं।

इमलीपारा में डायरिया के मरीजों का पता चलते ही सर्वे टीम गठित कर इलाके में भेजी गई। संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज सुविधा दी जा रही है। साथ ही लोगों को क्लोरीन टेबलेट भी बांटा जा रहा है, पाइपलाइन भी दुरुस्त कराई जा रही है।

अनुपम तिवारी, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम

उषा शर्मा

निगम लगातार कर रहा अनदेखी

फूटी पाइप लाइनों को दुरुस्त करने या फिर इनकी जगह नई पाइप जोड़ने लगातार लोग नगर निगम में शिकायत करते आ रहे हैं, इसके बावजूद संबंधित अधिकारी इसकी अनदेखी कर रहे हैं। हर साल आश्वासन देकर लोगों को शांत कर दिया जाता है। बारिश आने पर फिर से बीमारी की बाढ़ आ जाती है। इसके बावजूद निगम को इससे कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले चांटीडीह में डायरिया फैलने के बाद वहां कुछ स्थानों की जर्जर पाइप लाइनों को दुरुस्त किया गया था, शहर के अन्य इलाकों की अनदेखी की गई। नतीजतन इमलीपारा में भी अब डायरिया का प्रकोप देखने को मिल रहा है।

इमलीपारा में डायरिया फैलने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को घर-घर सर्वे के लिए लगा दिया गया है। मरीजों की जांच की जा रही है। साथ ही शिविर लगाकर भी लोगों का इलाज किया जा रहा है। ओरआरएस के पैकेट समेत अन्य जरूरी दवाएं भी दी जा रही हैं। जहां तक महिलाओं की मौत का मामला है तो यह नहीं कहा जा सकता कि डायरिया की वजह से ही हुई है। इसकी जांच की जा रही है।

डॉ.राजेश शुक्ला, सीएमएचओ

कमला कुर्रे

इलाके में विशेष शिविर

डायरिया के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मंगलवार को घर-घर जाकर लोगों की जांच की गई। यही नहीं शिविर भी लगा कर लोगों की जांच की जा रही है। चार गंभीर मरीजों में 2 को जिला अस्पताल, 1 को सिम्स व 1 को निजी अस्पताल में में भर्ती किया गया है। बाकी मरीजों को दवाएं दी गई हैं। साथ ही पानी का स्वच्छ करने क्लोरीन टेबलेट के साथ ही डिहाइड्रेशन से बचने ओआरएस पाउडर का भी वितरण किया जा रहा है।

मौत को लेकर पल्ला झाड़ रहा स्वास्थ्य विभाग

जब भी कोई बीमारी का प्रकोप शहर में होता है और कोई मौत होती है तो हर बार स्वास्थ्य विभाग मौत का कारण कुछ और बताता रहा है। इस बार भी यही कहा जा रहा है कि इमली पारा की जिन दो महिलाओं कमला कुर्रे 52 वर्ष व उषा शर्मा 57 वर्ष की मौत हुई है, उसका कारण डायरिया नहीं, बल्कि दूसरी बीमारी होगी। जबकि परिजनों के अनुसार उल्टी-दस्त की वजह से उनकी मौत हुई है।

Published on:
04 Oct 2023 04:19 pm