मस्तूरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है
बिलासपुर. बहुजन समाज पार्टी ने मस्तूरी सीट से जयेन्द्र सिंह पाटले को टिकट दिया है। जिसका क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है जिसको बसपा का प्रत्याशी बनाया गया है वह कभी क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहा है। मस्तूरी का प्रत्याशी बदलने की मांग रायपुर में नेताओं से मिलकर की गई है। इससे पहले भी कई सीटों पर विरोध हो चुका है। बसपा ने तीन दिन पहले मस्तूरी से चुनाव लडऩे के लिए बसपा से जयेन्द्र सिंह पाटले का नाम घोषित किया है। इसके बाद से मस्तूरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है
। कार्यकर्ताओं ने जयेन्द्र सिंह पाटले पर आरोप लगाया गया है कि ये कभी पार्टी में सक्रिय नहीं थे। बसपा के नेताओं ने पिछले चुनाव में बुधराम को टिकट देने की बात कही तभी से वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे। बुधराम ने बाद में अपने स्थान पर अपनी बहू रश्मि सिन्हा को सक्रिय किया। पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में रश्मि सिन्हा ने सक्रिय रही। लंबे समय से पार्टी के लिए काम करते आ रहे कार्यकर्ता में से किसी को टिकट देने के बजाय नए आए लोगों को टिकट दे दिया गया। जिसका क्षेत्र के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। कार्यकर्ताओ ने बसपा के प्रदेश प्रभारी से कहा है कि अगर प्रत्याशी नहीं बदले गए तो क्षेत्र में बसपा के कार्यकर्ता काम नहीं करेगें। बताया जाता है बसपा नेताओं ने उचित निर्णय लेने की बात कही है।
बसपा चल रही जोगी के इशारे पर : बसपा और जकांछ के बीच 55 और 35 सीटों के बीच समझौता हुआ था। कहा जा रहा था कि मायावती के कार्यक्रम के दूसरे दिन 35 सीटों पर सभी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी। लेकिन कुछ सीटों को लेकर मायावती और जोगी के बीच चर्चा हुई जिसमें जोगी ने अपनी बहू सहित अन्य समर्थकों को बसपा की सीट से प्रत्याशी बना दिया है। इसका अन्दर ही अन्दर विरोध किया जा रहा है। बसपा के एक नेता का कहना है जोगी बसपा की सीट के प्रत्याशी का चयन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जीतने वाले प्रत्याशी को टिकट दिया जाएगा। फिर कहते हैं कि कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद प्रत्याशी का नाम जारी किया जाएगा। सीटों की लेटलतीफी को लेकर जोगी और बसपा के कार्यकर्ता कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं है।