बिलासपुर

पहले हाथ काटा, अब गला रेतकर भिखारी ने की आत्महत्या, जानें चौंकाने वाला मामला…

Bilaspur Suicide Case: बिलासपुर जिले में पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तंत्र-मंत्र के चक्कर में एक व्यक्ति ने खुद का गला रेतकर आत्महत्या कर ली।

3 min read
पहले हाथ काटा, अब गला रेतकर भिखारी ने की आत्महत्या, जानें चौंकाने वाला मामला...(photo-patrika)

Bilaspur Suicide Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तंत्र-मंत्र के चक्कर में एक व्यक्ति ने खुद का गला रेतकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं परिवार सदमे में है।

मृतक की पहचान 45 वर्षीय चंदन नट के रूप में हुई है, जो भीख मांगकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार वह लंबे समय से तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से प्रभावित था। प्रारंभिक आशंका है कि किसी तांत्रिक क्रिया के प्रभाव में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

Bilaspur Suicide Case: पूजा कमरे में मिला खून से लथपथ शव

मंगलवार शाम को चंदन रोज की तरह भीख मांगकर घर लौटा और अपने बड़े भाई के साथ बैठकर बातचीत की। कुछ देर बाद वह घर के पूजा कक्ष में चला गया। शाम करीब 7 बजे उसकी बहू जब किसी काम से पूजा कमरे में गई, तो उसने चंदन को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। यह दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत

बहू की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और चंदन को गंभीर रूप से घायल समझते हुए आनन-फानन में अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया और घर का माहौल मातम में बदल गया। परिजनों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं था जब चंदन ने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की हो।

करीब चार महीने पहले भी उसने अपना हाथ काटकर आत्मघाती प्रयास किया था, जिसके बाद से ही उसके व्यवहार को लेकर परिवार चिंतित था। इस घटनाक्रम से यह आशंका और गहरा गई है कि वह मानसिक रूप से परेशान था और अंधविश्वास तथा तंत्र-मंत्र के प्रभाव में आकर इस बार उसने इतना खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस भी अब इसी एंगल से मामले की जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।

पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पचपेड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर से डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी बुलाई गई। रात होने के कारण शव को घटनास्थल पर ही रखा गया, जिसके बाद बुधवार सुबह विस्तृत जांच की गई।

पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव

फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों द्वारा मौत के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू- आत्महत्या, मानसिक स्थिति और किसी बाहरी हस्तक्षेप- को ध्यान में रखकर जांच शुरू कर दी है।

घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर पूरी कड़ी जोड़ी जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ पाएगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अंधविश्वास बना जानलेवा

यह घटना एक बार फिर समाज के सामने गंभीर सवाल खड़ा करती है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के प्रभाव में लोग किस हद तक अपने जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं केवल अंधविश्वास ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और जागरूकता की कमी का भी परिणाम होती हैं।

ऐसे में जरूरी है कि समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए, लोगों को वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता दिखाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

Published on:
18 Mar 2026 04:29 pm
Also Read
View All

अगली खबर