Fraud News: साइबर अपराधी सरकारी विभागों के नाम का दुरुपयोग कर आम लोगों को ठग रहे हैं। जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
Fraud News: अनजान लिंक पर किया गया एक छोटा-सा क्लिक किसी की जिंदगी भर की कमाई लील सकता है। इसका ताजा उदाहरण आनंद नगर, उसलापुर से सामने आया है, जहां अस्पताल में कार्यरत एक कर्मचारी साइबर ठगों के जाल में फंसकर 5 लाख 1 हजार 99 रुपए गंवा बैठा।
मामला 3 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे का है। पीड़ित के मोबाइल पर एक वाट्सअप मैसेज आया, जिसमें भेजने वाले नंबर की डीपी पर परिवहन विभाग का लोगो लगा हुआ था। संदेश में एक एपीके लिंक भेजते हुए दावा किया गया कि पीड़ित की मोटरसाइकिल का ई-चालान कटा है। वाहन नंबर अपना होने के कारण पीड़ित को संदेश विश्वसनीय लगा और उसने चालान देखने के लिए लिंक पर क्लिक कर दिया।
लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मौजूद मैलवेयर सक्रिय हो गया। इसके बाद महज पांच मिनट के भीतर पीड़ित के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 5,01,099 रुपए निकाल लिए गए। खाते से पैसे कटने का संदेश आते ही पीड़ित के होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगी में प्रयुक्त खातों व लिंक की पड़ताल की जा रही है।
साइबर अपराधी सरकारी विभागों के नाम का दुरुपयोग कर आम लोगों को ठग रहे हैं। जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे सतर्क रहें, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकें। - रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर