रिजर्व बैंक ने फिनटेक कंपनियों को क्रेडिट ब्यूरो का डेटा एक्सेस करने की छूट दे दी है। नए नियमों के तहत फिनटेक कंपनियां क्रेडिट स्कोर के आधार पर ग्राहकों को कर्ज दे सकेंगी। इसका मतलब कि अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होगा तो कंपनियां सस्ता कर्ज देंगी। लेकिन क्रेडिट स्कोर खराब होने पर लोन मिलने में मुश्किल आएगी। क्रेडिट स्कोर खराब होने पर आने वाले समय में इंश्योरेंस कंपनियां बीमा पॉलिसी देने से मना भी कर सकती हैं।
सस्ते लोन के लिए अच्छा सिबिल जरूरी
बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान क्रेडिट स्कोर के आधार पर लोन की एलिजिबिलिटी तय करते हैं। क्रेडिट स्कोर को सिबिल स्कोर भी कहा जाता है। यह बताता है कि व्यक्ति का फाइनेंशियल मैनेजमेंट कितना मजबूत है और आप समय पर लोन रीपेमेंट करते हैं या नहीं। अगर व्यक्ति का सिबिल स्कोर कमजोर है तो बैंक आसानी से लोन नहीं देंगे और अगर लोन दे भी दिया तो इंट्रेस्ट रेट बहुत ज्यादा होगा।
खराब सिबिल के 5 बड़े नुकसान
1. क्रेडिट स्कोर खराब होने पर बैंक लोन देने से कर सकते हैं इनकार।
2. बैंक यदि लोन देता भी है तो खराब सिबिल होने के कारण ज्यादा इंटरेस्ट चार्ज करता है।
3. इंश्योरेंस कंपनियां बीमा के एवज में अधिक प्रीमियम लेती है।
4. कार लोन के साथ होम और बिजनेस लोन लेने में भी होगी परेशानी।
5 . गोल्ड लोन के लिए अप्लाई करने पर दस्तावेजों की होगी बारीक जांच।
ऐसे मजबूत करें सिबिल स्कोर
हर तरह के बिल, ईएमआई और लोन का समय पर पेमेंट करें।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो ड्यू डेट से पहले पूरा पेमेंट करें, एक्सट्रा चार्ज से बच जाएंगे।
क्रेडिट कार्ड की जगह सिक्यॉर्ड कार्ड का इस्तेमाल करें, यह एफडी या दूसरे डिपॉजिट के बदले जारी किया जाता है।
कुछ शर्तें भी लगाईं
आरबीआई ने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, इसके मुताबिक क्रेडिट डेटा पाने के लिए कंपनियों की नेटवर्थ 2 करोड़ रुपए से ज्यादा होनी चाहिए। साइबर सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी से सर्टिफाइड ऑडिटर का प्रमाणपत्र जरूरी है और फिनटेक कंपनियों को ग्राहकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रखना होगा।