कमलेश रजक बिलासपुर. नोएडा में बने 103 मीटर उंचे सुपरटेक ट्विन टॉवर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवैध रूप से बनाए जाने के मामले में रविवार को ध्वस्त कर दिया गया। जिस तरह अवैध रूप से ट्विन टॉवर का निर्माण किया गया, उसी तहर शहर में भी बिल्डरों ने अवैध प्लाटिंग और अवैध निर्माण शुरू कर दिया है। अवैध निर्माण करने वाले रसूखदार और राजनीतिक दलों के नेताओं के करीबी है, यही कारण है कि नगर निगम अधिकारी इन अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में सोच समझ का काम पहले कर रहे हैं।

नगर निगम में शामिल होने से पहले शहर से लगे नगर पालिका परिषद तिफरा, नगर पंचायत सिरगिट्टी , सकरी और 15 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में निकाय और ग्राम पंचायत से एनओसी लेकर बिल्डरों ने जमकर अवैध प्लाटिंग की। शहर के कई लोगों को इन जमीनों को बेच भी दिया गया। वर्तमान में यही शहर के कई रसूखदार बिल्डर बेखौफ निगम सीमा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। शासन के नियमों को दरकिनार कर बनाई गई कॉलोनियों के प्लाॅट और मकानों को खरीदने में लोग अपने जीवन भर की पूंजी लगा रहे हैं। बाद में यही कॉलोनी और प्लाट अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों के रूप में पहचान लिए जाते हैं। इसका खामियाजा बिल्डर नहीं बल्कि लोगों को भुगतना पड़ता है। सरकारी नियम कायदों और जुर्माने का भुगतान भी मकान व प्लाट खरीदने वालों को करना पड़ता है।
भ्रष्टाचार का टावर था, ढह गया
नोएडा में अवैध रूप से बनाई गई 32 मंजिला ट्विन टावर की तरह शहर में भी ऐसी कई भ्रष्टाचार की कालोनियां विकसित की गई हैं, उन्हें भी इसी तर्ज पर ढहाना जरूरी है, ताकि भ्रष्टाचारियों पर लगाम लग सके और उन्हें तगड़ा सबक मिल सके।
जे एस मिश्रा
शहरवासी
प्रशासन पहले ही एक्शन ले ले तो यह नौबत ही ना आए
अवैध निर्माण या सरकारी जमीन पर कब्जा से पहले ही प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए, ताकि इस तरह की नौबत ही न आने पाए। नोएडा में अनदेखी की गई इसी वजह इतना विशाल ट्विन टावर का निर्माण हुआ। बिलासपुर में भी ऐसा ही रवैया अपनाया जा रहा है। अवैध निर्माण पर शुरू में ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बाद में जब कॉलोनी बस जाती है,तब उस पर एक्शन लिया जाता हैl यह सब शासन की लापरवाही व भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है।
संदीप शुक्ला
शहरवासी
भ्रष्टाचार में ***** रही जनता
शासन की अनदेखी व बिल्डर्स कॉलोनाइजर्स की मनमानी के चक्कर में निर्दोष भोली-भाली जनता ***** रही है। नोएडा में पावर तो गिरा दिया गया पर उसमें जिन ग्राहकों का पैसा लगा हुआ है उनका क्या होगा। बिलासपुर में भी हसन की अनदेखी से अवैध कॉलोनियां धड़ल्ले से बसा दी जा रही है झांसे में आकर लोग वहां सपनों का आशियाना बसा लेते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई मिट्टी में मिल जाती है। अवैध कालोनियां टॉवर्स का निर्माण होने न पाए, इस पर प्रशासन को ध्यान देना होगा ,तभी इस समस्या का हल निकल सकता है। अन्यथा इसी तरह जनता पिसती रहेगी।
संजय जैन
शहरवासी
सीख लेना जरूरी
अवैध रूप से बने ट्विन टॉवर के ध्वस्त किए जाने के बाद लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि उन्हें लोक लुभावने बिल्डरों के झांसे में नहीं आना है। जमीन और मकान खरीदते समय लोगों को अच्छी तरह से पड़ताल करने के बाद भी अपने जीवन भर की पूंजी का निवेश करना चाहिए।
संदीप कश्यप
शहरवासी
जारूकता जरूरी
नगर निगम सीमा क्षेत्र में अवैध रूप की गई प्लाटिंग और बनाई गई कॉलोनियों की जानकारी नगर निगम को जनहित में जनता तक पहुंचानी चाहिए। इसके साथ ही खरीदी बिक्री से पहले के नियम और जांच पड़ताल के गुर सिखाने लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
श्याम कश्यप
शहर वासी
कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए
शहर में अवैध रूप से कॉलोनियां और अवैध प्लाटिंग कर अपनी जेब भरने और जनता को धोखा देने वालों के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इससे दूसरे बिल्डरों में गलत तरीके से जनता से पैसे लेकर जमीन और मकान बेचने वालों में डर पैदा होगा। कड़ी कार्रवाई की जानकारी भी जनहित में प्रसारित की जानी चाहिए।
बसंत कुमार
शहरवासी
अवैध कॉलोनी बनाने और अवैध प्लाटिंग करने वालों को सूची बद्ध किया जा रहा है। जहां भी अवैध प्लाटिंग की जाती है या एक खसरे की जमीन को 3 से अधिक लोगों को बेचने की जानकारी मिलती है वहां लगातार कार्रवाई की जा रही है।चिल्हाटी में भी ग्लोरियस सिटी के नाम से बनाई गई अवैध कॉलोनी के मकानों में तोड़फोड़ की जा चुकी है। भविष्य में भी अवैध कॉलोनी और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश शर्मा
भवन निर्माण अधिकारी नगर निगम